शशि कपूर: एक ऐसा गुल जो बिखरने से पहले अपनी खुशबू से सबको महका गया

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सौतुक डेस्क/

बॉलीवुड को दीवार, ‘सत्यम शिवम् सुंदरम’, ‘जूनून’, ‘शान’, ‘नमक हलाल’ जैसी फिल्में देनेवाले बेहतरीन फिल्म अभिनेता शशि कपूर का आज 79 साल की उम्र में निधन हो गया. सत्तर और अस्सी केदशक में बॉलीवुड के रोमांटिक फिल्मों का चेहरा कहे जाने वाले शशि कपूर को 2015 में दादा साहब फाल्के सम्मान से भी सम्मानित  किया गया था. यह सम्मान पाने वाले कपूर परिवार के वह तीसरे सदस्य थे.

उनके भतीजे और बीते ज़माने के बॉलीवुड अभिनेता रणधीर कपूर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनको किडनी की समस्या थी और कई सालों से उनका ईलाज चल रहा था. शशि कपूर का देहांत कोकिलाबेनधीरुभाई अम्बानी अस्पताल में हुआ. उनका अंतिम संस्कार कल यानि मंगलवार को किया जाएगा.

इस खबर के आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें लोग श्रद्धंजलि देने लग गए. बॉलीवुड कलाकारों जैसे अक्षय कुमार, कमल हसन बाबुल सुप्रियो ने ट्विटर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शशि कपूर को श्रधांजलि देते हुए ट्वीट किया “शशि कपूर के मौत की खबर सुनकर दुःख हुआ.  बतौर प्रोडूसर सार्थक सिनेमा और  रंगमंच के आन्दोलन के लिए उन्हें याद किया जायेगा”

शशि कपूर का जीवन

पृथ्वीराज कपूर के सबसे छोटे बेटे, शशि कपूर ने अपना करियर बाल कलाकार के तौर पर शुरू किया था. उन्होंने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि सामानांतर सिनेमा, अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा तथा रंगमंच पर भी काम किया है.

शशि का बचपन अपने पिता के साथ घूमते हुए गुजरा जो पृथ्वी थिएटर के बैनर तले बन रही फिल्मों की खातिर देश-विदेश घुमते ही रहते थे.

चार साल की उम्र से ही उन्होंने अभिनय करना शुरू कर दिया और बतौर बाल कलाकार इन्होंने सन् 1948 से 1953 के बीच चार फ़िल्में की. इनमें दो फ़िल्में उनके बड़े भाई राज कपूर की थीं.

1956 में 18 साल की अवस्था में ही शशि कपूर बतौर अभिनेता और पृथ्वी थिएटर के असिस्टेंट स्टेज मेनेजर के बतौर सक्रिय हो गए थे.

शशिकपूर ने करीब 160 फिल्मों में काम किया है जिसमें 12 अंग्रेजी और 148 हिंदी फ़िल्में शामिल हैं. हिंदी की कुल 148 फिल्मों में से 61 में वे सोलो यानि अकेले मुख्य भूमिका में रहे हैं, जिसमें से 35 बॉक्स ऑफिस परसुपरहिट रहीं थीं. वहीँ 53 फ़िल्में उन्होंने अन्य साथी कलाकारों के साथ किया. उनकी दो फिल्में कभी रिलीज़ ही नहीं हुईं और 21 रिलीज़ हुई फिल्मों में उन्होंने सहायक कलाकार की भूमिका की. इसके अतिरिक्त शशि कपूरने चार फ़िल्में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट और सात फ़िल्में गेस्ट अपीयरेंस के तौर पर भी किया.

शशि कपूर की शादी 1958 में हुई. इसकी भी एक लम्बी कहानी है. उनकी उम्र महज़ अठारह साल की थी. पृथ्वी थिएटर और अंग्रेज कलाकार जेफरी केंडल के नेतृत्व में शकेस्पिएयरिना दोनों को कलकत्ता में प्रदर्शन करना था.  उसी दौरान शशि की नज़र जेनिफर केंडल पर पड़ी. इनको अंदाजा लग गया कि यह लड़की अभिनय करने वाली है. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी. बात जब पिता तक पहुंची तो जेफरी केंडल को चिंता हुई. एक तोबेटी के कम उम्र के होने की और दूसरे अपने थिएटर समूह के नायिका के चले जाने की. उन्होंने इन दोनों जवान दिलों से दो साल और इंतज़ार करने को कहा.

शशिकपूर ने करीब 160 फिल्मों में काम किया है जिसमें 12 अंग्रेजी और 148 हिंदी फ़िल्में शामिल हैं. हिंदी की कुल 148 फिल्मों में से 61 में वे सोलो यानि अकेले मुख्य भूमिका में रहे हैं

दोनों मिलते रहे और 1958 में मामला फिर से जेफरी के पास पहुंचा और उन्होंने इस बार फिर शादी के लिए इनकार कर दिया. लेकिन इस बार जेनिफर ने अपने पिता की मर्जी के खिलाफ जाते हुए शशि से भारतीय रीति-रिवाज से शादी कर ली.

शशि ने अपने अभिनय से ढेरों पुरस्कार जीते जिसमें 1975 में आई ‘दीवार’ के लिए बेस्ट सह-अभिनेता का अवार्ड भी शामिल है. अपने दीवार को-स्टार अमिताभ बच्चन के साथ इन्होंने ग्यारह फिल्मों में काम किया था.

शशि और जेनिफर के तीन बच्चे थे. कुणाल कपूर जो आजकल फिल्मों में अभिनय करते हैं, कारन कपूर फोटोग्राफर हैं वहीँ संजना कपूर जिन्होंने बतौर अभिनेत्री भी काम किया है और 1993 से पृथ्वी थिएटर भी चलातीं हैं. शशि की पत्नी जेनिफर का देहांत सन् 1984 में कैंसर की वजह से हुआ.

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