चीन को ध्यान में रखकर भारत बनाता है अपनी परमाणु हथियार सम्बंधित नीति, अमेरिकी विशेषज्ञ

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सौतुक डेस्क/

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच, अमेरिका के दो परमाणु विशेषज्ञों ने दावा किया है कि भारत के परमाणु हथियारों से सुसज्जित सुरक्षा नीति का केंद्र बिंदु चीन ही है. सामान्यतः माना जाता है कि भारत के सुरक्षा की तैयारी पाकिस्तान को नज़र में रखकर की जाती है.

भारत और पाकिस्तान, दोनों पडोसी मुल्कों के नियमित झड़प से यह आभास होता रहता है कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे को नजर में रखकर आज के सबसे खतरनाक हथियार बनाते हैं.  लेकिन इन दो बड़े विशेषज्ञों ने दावा किया है कि स्थिति सतह पर जैसी दिखती है वैसी है नहीं।

आफ्टर मिडनाइट नामक एक जर्नल में छपे अपने लेख में इन विशेषज्ञों ने दावा किया है कि भारत के पास वर्तमान में करीब 600 किलोग्राम प्लूटोनियम है जो 150-200 परमाणु हथियार बनाने भर के लिए पर्याप्त है. लेकिन अभी तक इस देश ने केवल 120-130 हथियार ही बनाए हैं.

जुलाई-अगस्त अंक में छपे इस लेख में हैंस क्रिस्टेन्सन और रॉबर्ट नोरी ने लिखा है कि  भारत अपने परमाणु सम्बंधित हथियारों के आधुनिकीकरण के प्रयास को जारी रखे हुए है जिसमे कई नए परमाणु हथियार प्रणाली का विकास भी निहित है.

इन लेखकों के अनुसार भारत के पास वर्तमान में सात ऐसे आधुनिक मिसाइल प्रणाली है जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इसमें दो विमान, चार भूमि आधारित बैलिस्टिक मिसाइल और एक समुद्र आधारित बैलिस्टिक मिसाइल शामिल है.

साथ ही कहा  गया है कि चार नए प्रणाली के विकास का प्रयास भी चल रहा है जिसमे नजदीक और दूर तक मारक क्षमता रखने वाले मिसाइल शामिल है. जैसे ज़मीन से ज़मीन पर दूर तक वार करने वाले और जल में वार करने वाले मिसाइल. इन विशेषज्ञों के अनुसार इसमें सॉलिड फ्यूल, रेल मोबाइल अग्नी सीरीज मिसाइल आदि शामिल है.
सनद रहे कि आज कल भारत और चीन में सीमा पर विवाद जारी है जिसमे दोनों देशों की सेनायें आमने-सामने हैं.

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