ट्रोल इतने मज़बूत नहीं कि मेरा सामना कर सकें- प्रकाश राज

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सौतुक डेस्क/

पांच बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़े गए अभिनेता प्रकाश राज ने गौरी लंकेश की हत्या पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने यह भी कहा कि  एक अभिनेता होने की वजह से, वे इन नेताओं को देखकर बता सकते हैं कि ये लोग कब अभिनय कर रहे हैं. इनके इस बयान के बाद से सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लोग इन्हें ट्रोल कर रहे हैं. द इंडियन एक्सप्रेस  की खबर के मुताबिक, प्रकाश राज के खिलाफ लखनऊ में एक केस भी दर्ज हुआ है. इस अभिनेता के पक्ष को समझने के लिए सौतुक आपके लिए उनका एक साक्षात्कार लाया है जो अंग्रेजी अखबार द हिन्दू  में प्रकाशित हुआ है.

आपके बयान से तो बहुत सारे लोग बौखला गए हैं, क्या आपको इसका अंदाजा था? और क्या आपको अपने बयान पर अफ़सोस है?

गौरी लंकेश की हत्या जघन्य और कायरतापूर्ण है. इससे मैं बुरी तरह आहत हूँ. जब मैंने लोगों को इस अमानवीय घटना पर उत्सव मनाते देखा तो मुझे  दुख हुआ. जब यह पता चला कि इनलोगों को प्रधानमंत्री ट्वीटर पर फॉलो करते हैं, तब तो और दुःख हुआ. इस लोकतान्त्रिक देश के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मुझे देश के प्रधानमंत्री की इन मुद्दों पर ख़ामोशी परेशान करने लगी. क्या यह पाप है?

आपको अब एंटी-मोदी या कहें मोदी विरोधी बुलाया जा रहा है…

मैंने कहा कि प्रधानमंत्री की ख़ामोशी मुझे अखर रही है. मुझे ऐसा कहने का अधिकार है. ऐसा कहने के लिए कोई मुझे मोदी-विरोधी कैसे कह सकता है. मैं मोदी-विरोधी नहीं हूँ. देश की जनता द्वारा बहुमत से चुने गए मोदी मेरे प्रधानमंत्री हैं. मैं  मोदी को एक राजनितिक दल का नेता नहीं मानता हूँ. वह अब देश और हर नागरिक के नेता हैं. वह एक सेक्युलर देश के मुखिया हैं. कुछ मुद्दों पर मैं मोदी के फैसलों से असहमत हूँ. मैं  ईमानदार और लोकतान्त्रिक हूँ इसलिए मैंने अपने विचार रखे.  इसकी कीमत चुका रहा हूँ.  लेकिन मैं कायर नहीं हूँ. समाज ने जो जिम्मेदारी मेरे कंधे पर दी है मैं उससे मुंह नहीं मोडूँगा.

मैंने जो कहा है मैं उसकी ज़िम्मेदारी लेता हूँ.  यही प्रकाश राज की पहचान है. जो लोग मुझे ट्रोल कर रहे हैं वो इतने मजबूत नहीं हैं कि मेरा सामना कर सकें. चाहे जो भी हो, जब और जहां ज़रूरत होगी, मैं सच बोलूँगा. मैंने जो कहा मैं अब भी उसपर कायम हूँ. उससे पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं खड़ा होता.

इन ट्रोल करने वाले के लिए कोई सन्देश?

मेरा उनको ब्लाक करने का कोई इरादा नहीं है क्योंकि मैं लोकतंत्र और सबको अपनी बात कहने के अधिकार की इज्ज़त करता हूँ.  इन्ही लोगों के माध्यम से मुझे पता चलता है कि अभी देश में क्या हो रहा है. मैं कामना करता हूँ कि उनको सदबुद्धि आये. लेकिन जो प्रश्न मुझे साल रहा है वह यह है कि हमारे समाज में विरोध के स्वर को कुचलने की संस्कृति क्यों और कैसे बढ़ रही है. सोशल मीडिया दो-धारी तलवार है. एक तरफ तो इसने व्यवस्था को और लोकतांत्रिक बनाया है. लेकिन इसमें बोलने वाले का चेहरा नहीं दिखना, अच्छा और बुरा दोनों है.

आपके बयान का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि कमल हसन ने हाल ही में राजनीति में आने की घोषणा की है. इसको कुछ लोग ऐसे भी देख रहे हैं कि आप भी यह सब इसीलिए कर रहे हैं.

मेरे बात को लोग गलत तरीके से देख रहे हैं. जब मैं राजनीति में आना चाहूँगा तो सीधा आपके पास आऊंगा और इसकी घोषणा कर दूंगा. समय आ गया है कि लोग थोड़ा गंभीरता दिखाएँ और सामाजिक तौर पर जिम्मेदार तथा संवेदनशील एक कलाकार ने जो नहीं कहा है उसका अनुमान खुद से न लगायें.

मैंने तेलंगाना के एक गाँव को गोद लिया है क्योंकि मैं उनलोगों को प्यार करता हूँ जिनकी वजह से मैं आज यहाँ हूँ. यह समाज को वापस लौटाने का मेरा अपना तरीका है. जब मैं किसी किसान की मदद करता हूँ तो उनके क्षेत्र विशेष का होने पर उनसे कुछ अलग तरह का व्यवहार नहीं करता. मैं एक विश्व के नागरिक की तरह रहता हूँ और एक इंसान की तरह व्यवहार करता हूँ.

आप कैसे पहचाने जाना पसंद करेंगे- प्रकाश राय या प्रकाश राज? एक ने आपको मशहूर बनाया दूसरा आपके जड़ से जुड़ा है.

कर्नाटक में लोग मुझे प्रकाश राय जानते हैं. ठीक है. लेकिन अन्य जगहों पर देश-विदेश में लोग मुझे प्रकाश राज के नाम से बुलाते हैं. सभी कलाकारों के साथ ऐसा होता है. राजकुमार का नाम मुथु राज था. कलाकार प्रोफेशनल वजहों से परदे के लिए दूसरा नाम रख लेते हैं.

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