एक बड़े फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने तीन तलाक पर लगाई रोक

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सौतुक डेस्क/

मंगलवार को देश के सर्वोच्च न्यायलय ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन तलाक पर अगले छः महीने के लिए पाबंदी लगा दी.

पाँच जजों के बेंच में से तीन जजों ने ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक घोषित करते हुए आने वाले छः महीने तक इस पर पाबंदी लगा दी है. साथ में सरकार से इस पर कानून लाने को भी कहा.

न्यायलय के अनुसार अगर सरकार छः महीने के अन्दर इस पर कानून नहीं बनाती है तो यह पाबंदी लागू रहेगी. इस मामले में लीड याचिका शीर्षक “क्वेस्ट फॉर इक्वैलिटी बनाम जमीयत उलामा-ए-हिंद” है।

मुस्लिम महिलाओं ने यह याचिका दायर कर ‘ट्रिपल तालाक’ के प्रावधान को चुनौती दी थी. इस नियम के अनुसार पति तीन बार तलाक़-तलाक़-तलाक़ कह कर अपनी पत्नी को तलाक दे सकता था. कभी-कभी तो तलाक़ जैसा बड़ा फैसला सिर्फ फ़ोन अथवा लिखित संदेशों के द्वारा भी इन तीन शब्दों से हो जाता था.

तीन तलाक़ पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस्लामिक देशों में इस प्रथा को खत्म किये जाने का भी हवाला दिया, साथ ही यह भी कहा कि जब अन्य देश इससे निजात पा सकते हैं तो स्वतंत्र भारत क्यों नहीं.

फैसले के तुरंत बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन ट्वीट कर इसको ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने आगे कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिलेगा और महिला सशक्तिकरण में इससे फायदा होगा.

सनद रहे कि भाजपा ने इसको अपना चुनावी मुद्दा भी बनाया था. स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में भी प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे का जिक्र किया. उन्होंने कहा था कि मेरे मन में उन महिलाओं के लिए काफी इज्ज़त है जिनका जीवन इस तीन तलाक़ की वजह से बर्बाद हुआ और उन्होंने ने इस बुराई के खिलाफ आन्दोलन चलाया. उन्होंने आगे कहा, ” मैं यह जोर देकर कहना चाहता हूँ कि वे महिलाएं जीतेंगी क्योंकि पूरा देश उनकी इस लड़ाई में उनके साथ है.”

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