रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए बच्चे के हत्या की जांच क्यों सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए

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इंडियन एक्सप्रेस से आभार

सौतुक डेस्क/

सर्वोच्च न्यायलय ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से रेयान इंटरनेशनल स्कूल हादसे की सीबीआई जांच के मद्देनजर जवाब माँगा है. इस स्कूल में पढने वाले सात वर्षीय प्रद्युम्न ठाकुर की हाल ही में स्कूल के वाशरूम में गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में बच्चे के पिता वरुण ठाकुर ने याचिका लगाई थी जिसमे उन्होंने इस हत्या की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी.

 जबसे यह हादसा हुआ है तब से कुछ लोग स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन में लगे हैं. पुलिस ने आनन-फानन में बस कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया जिसने बिना कोई विरोध किये अपनी गलती भी स्वीकार कर ली.

जब और दबाव बना तो स्कूल के दो और अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस स्कूल के प्रधानाध्यापक को तबियत खराब होने की वजह से छोड़ा गया है. आखिर जब उस कंडक्टर ने अपना अपराध कबूल कर लिया है तो इतनी सारी गिरफ्तारियों की जरुरत क्यों?

प्रद्युम्न ठाकुर

सवाल है कि बच्चे के माँ-बाप को पुलिस की जाँच पर भरोसा क्यों नहीं हो रहा है? वो इसलिए कि इस स्कूल की मालिक भाजपा यानि शासक दल के महिला मोर्चा अध्यक्ष हैं. और ऐसे में यह  लगना स्वाभाविक है कि जांच को प्रभावित किया जा सकता है.

दूसरे बहुत ऐसे छोटे-छोटे सवाल है जिसका जवाब लोगों को समझ में नहीं आ रहा है. जैसे एक बस कंडक्टर बच्चों के बाथरूम में क्यों गया? क्या बच्चों और बड़ो के लिए एक ही बाथरूम इस्तेमाल होता था? मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार इस स्कूल में बाउंड्री ही नहीं थी जिससे कोई भी अन्दर बाहर आ जा सकता था. दूसरे स्कूल के पास 40 बस जरुर हैं लेकिन इन चालीस बसों के ड्राईवर और कंडक्टर सब बच्चों के बाथरूम इस्तेमाल करते थे.

प्रदुम्न ठाकुर को अपना भतीजा बताने वाले रोशन झा नाम के एक शख्स ने कुछ वाजिब सवाल उठाये हैं जैसे बच्चा सुबह 7.55 मिनट पर स्कूल के कैम्पस में पहुंचता है और माता-पिता को 8.10 मिनट पर इस घटना के बारे में फोन आता है. यह अपने आप में संदेह खड़ा करता है.

दूसरा सवाल है कि जो बस कंडक्टर गिरफ्तार हुआ है वह बच्चे को अस्पताल ले गया है पर उसके शर्ट पर खून का एक दाग तक नहीं है. यह कैसे संभव हैं?

जिस जगह पर बच्चे की हत्या हुई है उसे पुलिस की मौजूदगी में अच्छे से साफ़ किया गया. ऐसा क्यों? इसे पूछते हुए यह शख्स पुलिस के रोल पर भी उंगली उठाता है.

हत्या के बाद बैग और पानी के बोतल को भी अच्छे से साफ़ किया गया है. क्यों? हत्या के लिए इस्तेमाल चाकू को भी सही से साफ़ किया गया है. क्यों? इसमें इस शख्स ने स्कूल की भूमिका पर प्रश्न खड़ा किया है.

इसके साथ ही इस शख्स ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से एक सवाल पूछा है कि खट्टर साहब क्या ये बच्चा आपका होता तो भी यह सब  होता? वह उन्हें इसे तर्क के तौर इस्तेमाल करते हुए बताना चाह है कि हो रहे जांच से परिवार वाले संतुष्ट क्यों नहीं है?

सनद रहे कि यह वही स्कूल है जहां साल भर पहले एक मासूम जाने कैसे पानी की टंकी में मरा हुआ पाया गया था. इस घटना के बाद उस बच्चे की मौत पर भी लोग सवाल खड़े  रहे हैं. जैसे कि डूबकर  मरा था वह बच्चा या मार ही दिया गया था.” अलबत्ता स्कूल के अधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए स्कूल प्रशासन को निर्दोष बताया  है. लेकिन  विद्यालय के और पक्षों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इस मामले में न केवल सीबीआई बल्कि सर्वोच्च न्यायलय की निगरानी में जांच होना चाहिए.

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