सड़क दुर्घटनाएं हुईं कम पर लोग मरे ज्यादा

0
In this Tuesday Feb. 17, 2015 photo, a car and a logging truck sit damaged after they collided head-on near Tokoroa, New Zealand. New Zealand authorities said Thursday, Feb. 19 that U.S. citizens Warren Lee, his wife Aesoon Lee and the couple's daughter, Julia Lee were killed and their son critically injured when their car crashed into the logging truck. (AP Photo/NZ Herald, John van de Ven) AUSTRALIA OUT, NEW ZEALAND OUT

सौतुक डेस्क/         

पिछले साल यानि 2016 में यूँ तो सड़क दुर्घटनाओं में कुछ कमी आई है पर मरने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है.

सरकार के द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल सड़क दुर्घटनाओं में डेढ़ लाख (1,50,785) से अधिक लोगों की जान चली गई. वर्ष 2015 में मरने वाले लोगों की संख्या 1,46,133 थी.

हालांकि दुर्घटनाओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में करीब 4.1 प्रतिशत गिरावट आई है. वर्ष 2016 में जहां 4,80,652 सड़क दुर्घटनाएं हुई वहीं  2015 में 5,01,423 सड़क दुर्घटनाएं हुई थी.

परिवहन मंत्रालय के वार्षिक प्रकाशन ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं-2016’ को जारी करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, नौवहन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 2017 की पहली छमाही के दुर्घटना संबंधी आंकड़ें  उत्साहवर्धक है इसमें जनवरी से जुलाई, 2017 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 3 प्रतिशत, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 4.75 प्रतिशत की गिरावट आई है.

वर्ष 2017 की पहली छमाही में 25 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में कमी आई, पर  असम, बिहार, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में इस अवधि के दौरान 2-8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

वर्ष 2016 के दौरान देश में कुल सड़क दुर्घटनाओं का 86 प्रतिशत 13 राज्यों में देखने को मिला. ये राज्य हैं तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और हरियाणा. इसी प्रकार से 2016 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले कुल व्यक्तियों का 84 प्रतिशत उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा और बिहार से था.

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार चेन्नई में सबसे अधिक (7,486) सड़क दुर्घटनाएं हुई लेकिन सबसे अधिक लोग मरे दिल्ली में. देश की राजधानी में मरने वालो की संख्या 1,591 रही. साल 2016 में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार 18-35 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 46.3 प्रतिशत (69,851 व्यक्ति) और 18-45 आयु वर्ग के लोगों की संख्या 68.6 प्रतिशत (1,03,409 व्यक्ति) थी जबकि 18-60 आयु वर्ग के लोगों की संख्या 83.3 प्रतिशत (1,25,583 व्यक्ति) थी.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here