सरकार ने रेल यात्रा में सोने की समयसीमा घटाई

0
सौतुक डेस्क/

रेल यात्रियों के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है. मिडिल और लोअर बर्थ पर यात्रा कर रहे यात्रियों के बीच ‘सीट कब गिराएं और कब उठायें’ विवाद का एक बड़ा मुद्दा है. इसको देखते हुए सरकार ने रेल में सफ़र करने वाले यात्रियों के सोने का समय कम करने का फैसला लिया है. इस नए फैसले के अनुसार अब सोने की सीमा एक घंटे कम हो गई है.

कुछ लोग रेलगाड़ी में चढ़ते ही अपने सीट पर सो जाते हैं और पूरी यात्रा सोये रहते हैं. इनकी वजह से लम्बी दूरी की यात्रा वाले कुछ लोगों को पूरा समय अपने ऊपर वाले बर्थ पर ही गुजारना पड़ता है. ऐसे में इस नियम के बाद, अगर आप ऐसी समस्या से मुक़ाबिल होते हैं तो आप सरकार के इस नियम का हवाला देकर नीचे वाले बर्थ के पैसेंजर को बैठने पर मजबूर कर सकते हैं.

रेल मंत्रालय के नए आदेश के अनुसार रिज़र्व कोच में अब पैसेंजर 10 बजे रात के बाद ही सोयेगा और सुबह 6 बजे तक ही सोना वैध माना जाएगा. पहले यह समय 9 बजे रात से शुरू होकर सुबह 6 बजे तक था.

इस नए आदेश के अनुसार वैसे रिज़र्व कोच जिनमें सोने की व्यस्था है पैसेंजर इसी दरम्यान सोने के लिए अधिकृत है बाकी समय उसे बैठना होगा. अधिसूचना के मुताबिक साइड अपर बर्थ वाले यात्रियों का नीचे की बर्थ पर रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कोई हक़ नहीं होगा.

यह आदेश अगस्त 31 को आया है.

इस आदेश में यह भी कहा गया है कि कुछ ख़ास स्थिति में जैसे बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं को ध्यान में रखते हुए साथी पसेंजेर से सहयोग की उम्मीद की जाती है खासकर तब जब ये लोग अधिक सोना चाहते हैं.

यह नया नियम रेलवे के मैन्युअल के 652 वें पैराग्राफ का स्थान लेगा जिसमे सोने का समय 9 बजे अपराह्न से 6 बजे पूर्वाह्न तक निर्धारित है. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक़ यह फैसला अधिकारियों से मिले फीडबैक के आधार पर किया गया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here