जालसाजी में अन्य भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाएं हो सकती हैं शामिल : पीएनबी

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आईएएनएस फोटो

काईद नजमी/

मुंबई: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी की जालसाजी में अन्य भारतीय बैंकों की विदेशी शाखों की संलिप्तता की आशंका जाहिर की है। तीस भारतीय सरकारी बैंकों, एक निजी व एक विदेशी बैंक को भेजे गए अपने विस्तृत नोट में पीएनबी ने कहा कि नीरव मोदी के समूह की कंपनियों और गीतांजलि जेम्स व हमारी शाखा के अधिकारियों तथा भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं के अधिकारियों के बीच स्पष्ट आपराधिक मिलीभगत दिख रही है।

धोखाधड़ी के इस मामले पर पीएनबी की ओर से भेजे गए नोट की एक प्रति आईएएनएस के पास है।

पीएनबी ने एक तरह से अन्य बैंकों की विदेशी शाखाओं पर आरोप लगाते हुए कहा है कि धोखाधड़ी को लेकर इन बैंकों की शाखाओं के पास उपलब्ध सूचना या दस्तावेज उसके साथ साझा नहीं किया गया।

पीएनबी ने कहा, “जालसाजी वाले एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के एवज में क्रेता की साख का इस्तेमाल या तो परित्यक्त आयात बिल का इस्तेमाल करके या दोबारा किन्हीं अन्य बैंकों की परिपक्व क्रेता साख का उपयोग करके किया गया है।” साथ ही, पीएनबी ने हीरा कंपनियों द्वारा बैंक को चूना लगाने की कार्यप्रणाली में अपने एक अवकाश प्राप्त कर्मचारी और अन्य भारतीय बैंकों के अधिकारियों की भी संलिप्तता स्वीकार की है।

पीएनबी ने हीरा कंपनियों द्वारा बैंक को चूना लगाने की कार्यप्रणाली में अपने एक अवकाश प्राप्त कर्मचारी और अन्य भारतीय बैंकों के अधिकारियों की भी संलिप्तता स्वीकार की है

पीएनबी की टिप्पणी के अनुसार, दक्षिण मुंबई स्थित इसकी बैड्री हाउस शाखा के कर्मचारियों के साथ अपराधियों की मिलीभगत के जरिए संदिग्ध धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। 12 फरवरी के नोट में इन बैंकों के अध्यक्षों, प्रबंध निदेशकों और कार्यकारी अधिकारियों को संबोधित किया गया है और इस पर पीएनबी के नई दिल्ली स्थित अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग संभाग के महाप्रबंधक द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं।

पीएनबी ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क की जांच में पता चला है कि शाखा के जूनियर स्तर के अधिकारियों ने अनधिकृत रूप से व जालसाजी के तहत अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी की कुछ कंपनियों की ओर से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी कर विभिन्न भारतीय बैंकों की विदेशी शाखों की ओर से क्रेता को साख प्रदान किया।

इसमें शामिल कंपनियां हैं-सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड्स एंड डायमंड आर यूएस जिनके चालू खाते हैं और उनमें शाखा में कोई फंड या गैर-फंड की सीमा नहीं है। पीएनबी ने मेल में कहा है कि कोई भी लेन-देन सीबीएस सिस्टम से नहीं हुई है, जिससे धोखाधड़ी का शीघ्र पता चल सकता।

–आईएएनएस

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