‘अवार्ड वापसी’ में शामिल कवि अशोक वाजपेयी के खिलाफ सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए

0

शिखा कौशिक/

साहित्यकार अशोक वाजपेयी के खिलाफ सरकार ने सीबीआई जांच शुरू की है .देश में कट्टरपंथियों के द्वारा बुद्धिजीवी लोगों के हत्या के खिलाफ साहित्यकारों और कलाकारों ने अवार्ड वापसी की मुहीम चलाई थी. अवार्ड वापिस करने वाले कलाकारों और साहित्यकारों में अशोक वाजपेयी भी शामिल थे. उन पर आरोप यह है कि उन्होंने कलाकारों की मदद के लिए सरकारी सुविधाओं को मुफ्त में उपलब्ध कराया..

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार संस्कृति मंत्रालय ने सीबीआई को ललित कला अकादमी में हुई अनियमितताओं के बारे में जांच करने के आदेश दिये हैं. सीबीआई ललित कला अकादमी में हुए सरकारी गाईडलाइन के उल्लंघन का जांच करेगी.

इस मामले में ललित कला अकादमी द्वारा खुद किये गए ऑडिट में देखा गया है कि अकादमी के क्रियान्वयन में कई बार नियमों का उल्लंघन किया गया है. इस ऑडिट में ‘नियम को ताक पर रखकर कुछ लोगों को जो पैसे दिए गए हैं’ उसको वसूलने की बात भी की गयी है. इसके लिए जिम्मेदारी भी तय करने को कहा गया है.

संस्कृति मंत्रालय ने ललित कला अकादमी से सी बीआई को जांच में मदद करने को कहा है.

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक इस एक पेज के पत्र में मंत्रालय ने ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अशोक वाजपेयी का नाम लिया है जिन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सरकारी फण्ड का दुरुपयोग किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ कलाकारों को अकादमी के गैलरी का मुफ्त में इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी.

अवार्ड वापसी सितंबर 2015 में साहित्यकार एम एम कुल्बुर्गी की हत्या के बाद शुरू हुआ. उनकी हत्या से आहत हिंदी के कथाकार उदय प्रकाश ने साहित्य अकादमी अवार्ड को लौटाने का फैसला किया. इसके बाद कई साहित्यकार और कलाकार इस मुहीम में शामिल हुए. अशोक वाजपेयी भी उनमें से एक थे. वाजपेयी, मोदी सरकार की कुछ नीतियों के खिलाफ मुखर रहे हैं और लागातार मीडिया में ऐसी नीतियों की आलोचना करते रहे हैं.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here