कुछेक को छोड़ सभी भारतीय मीडिया संस्थानों ने दी गलत खबर, बताया मोदी सरकार को शीर्ष पर

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सौतुक डेस्क/

कल देश के कई सारे मीडिया संस्थानों  में दिखाया जा रहा था कि लोगों के भरोसे के मामले में मोदी सरकार विश्व भर में शीर्ष पर है. लेकिन खबर झूठी थी. यही नहीं खबर के उस हिस्से को भी नहीं दिखाया गया जिससे पता चलता है कि पिछले दस सालों में भारत सरकार पर भारतीयों का भरोसा कम हुआ है.

अब यह बात समझ से परे है कि देश की मीडिया किस फायदे के लिए ऐसी खबर दिखा रही थी. इस खबर को लगभग सभी मीडिया संस्थानों ने प्रकाशित किया  जिसमे अंग्रेजी के द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, टाइम्स नाउ, फर्स्ट पोस्ट, एनडीटीवी  और हिंदी के दैनिक भास्कर, नई दुनिया, दैनिक जागरण इत्यादि शामिल है. इन संस्थानों ने बताया कि अपनी सरकार पर भरोसे के मामले में भारत/मोदी सरकार सबसे आगे है. इसके लिए आर्गेनाईजेशन फॉर इकनोमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट नामक अन्तराष्ट्रीय संस्था के एक सर्वे का हवाला भी दिया गया था. इन मीडिया संस्थानों ने लिखा कि 73 अंकों के साथ भारत शीर्ष पर है.

जबकि उस सर्वे में साफ़ साफ़ दिखता है कि स्विटज़रलैंड और इंडोनेशिया दोनों 80 फीसदी अंकों के साथ भारत से ऊपर है, मध्य प्रदेश में रहने वाले एक राष्ट्रीय पत्रिका से जुड़े पत्रकार दीपक तिवारी ने अपने फेसबुक पोस्ट पर बाकायदा ब्योरे के साथ इसे लिखा है.

इस सर्वे को ध्यान से पढ़ा जाय तो आप पायेंगे कि भारत सरकार पर से पिछले दस सालों में लोगों का भरोसा घटा है. वर्ष 2007 में यह जहां 82 फीसदी था वहीँ अब यह घटाकर मात्र 73 फ़ीसदी रह गया है.

उस वेबसाइट के पहले पन्ने पर भी जाएं तो साफ़ साफ़ दिखता है कि भारत का स्थान दूसरा है. यद्यपि यह वर्ष 2014 के आंकड़े दिखाता है. गजब तो यह है कि कुछ अख़बारों ने जिसमे हिंदी की राजस्थान पत्रिका भी शामिल है, इस ग्राफ को प्रकाशित करने के साथ मोदी सरकार के शीर्ष पर होने का दावा किया है.  आप मुख्य पृष्ठ पर छपे इस ग्राफ को यहाँ देख सकते हैं.

नाइजीरिया में काम कर रहे एक भारतीय ने सौतुक को यह खबर बताई. खबर बताते हुए ये सज्जन भारतीय मीडिया के इस रूप से काफी परेशान दिख रहे थे.

इस रिपोर्ट के अध्ययन करने पर पता चलता है कि भारत सरकार, लोगों के भरोसे के मामले में 2007 में 82 के स्कोर के साथ सचमुच में शीर्ष पर थी पर  2012 में लोगों का भरोसा भारत सरकार में काफी कम हो गया. रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़ा 82 से घटकर 55 पर आ गया था. वर्ष 2014 और वर्ष 2016 दोनों साल में भारत ने 73 स्कोर किया था.

मीडिया के इस पक्ष पर तिवारी लिखते हैं, “सरकारें आएंगी जायेगीं पर हम लोगों की विश्वसनीयता पाठकों और दर्शकों से है.”

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