पुरुष से महिला बनने के बाद स्तनपान कराना भी संभव

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प्रतीकात्मक तस्वीर

सौतुक डेस्क/

पुरुष से महिला बनने के बाद अपने बच्चे को स्तनपान कराना संभव हो पाया है, जिसमें 30 साल की एक ट्रांसजेंडर महिला इलाज के बाद अपने बच्चे को स्तनपान कराने में सफल हो पाई है. यह बच्चा उसके साथी का था.

डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल इतिहास में शायद यह पहला दर्ज मामला है जिसमें एक ट्रांसजेंडर को भी इलाज के बाद सामान्य मां की तरह स्तनपान कराने का सुख मिल पाना संभव हुआ.

इस मेडिकल केस का ब्योरा ‘ट्रांसजेंडर हेल्थ’ में प्रकाशित हुआ है. न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल के डॉक्टर तमर रिसमैन (Tamar Reisman) का कहना है कि इनकी दवाएं भी अब सामान्य दवा में शामिल होती जा रही हैं. “अब समाज में अधिक ऐसे केस आ रहे हैं और इस तरह अब इनके इलाज को लेकर भी अच्छी-खासी समझ बनती जा रही है.”

इस रिपोर्ट के मुताबिक ट्रांसजेंडर महिला की साथी गर्भवती थी. गर्भ ठहरने के करीब पांच महीने बाद इस ट्रांसजेंडर महिला ने अस्पताल का रुख किया और बताया कि बच्चे की वास्तविक मां बच्चे को स्तनपान नहीं कराना चाहती. इसलिए स्तनपान की जिम्मेदारी वह खुद लेना चाहती है.

गर्भ ठहरने के करीब पांच महीने बाद इस ट्रांसजेंडर महिला ने अस्पताल का रुख किया और बताया कि बच्चे की वास्तविक मां बच्चे को स्तनपान नहीं कराना चाहती. इसलिए स्तनपान की जिम्मेदारी वह खुद लेना चाहती है

डॉक्टर ने लिखा है कि नींद लाने और तनाव कम करने के लिए इस महिला का पहले से इलाज चल रहा था.  बांकि वह पूरी तरह स्वस्थ थी. उस महिला को छः साल तक हार्मोन थेरेपी दी गई थी लेकिन स्तन वैगेरह के विकास के लिए उसने कोई सर्जरी इत्यादि नहीं कराई थी.

इस ट्रांसजेंडर महिला में स्तनपान की क्षमता विकसित करने के लिए डॉक्टरों ने वही इलाज किया जो वह एक ऐसे सामान्य महिला का करते हैं. वैसी महिला का जिसने गर्भ धारण नहीं किया हो पर स्तनपान कराना चाहती हो.

इस ट्रांसजेंडर महिला को महिलाओं को दिए जाने वाले हार्मोन प्रोजेस्टेरोन तथा अन्य दवा दी गई. अपने स्तन के विकास के लिए उसने स्तनपान में इस्तेमाल होने वाले पंप का प्रयोग किया. दूध बढाने के लिए एक और दवा दी गई.

डॉक्टरों का कहना है कि कई जगह पढने को मिलता है कि लोगों ने खुद से प्रयास किया और बच्चे को दूध पिलाने में सफल रहे पर यह अकादमिक जगत में पहला दर्ज मामला है जिसमें पूरी तरह से संस्थागत इलाज चला और एक ट्रांसजेंडर को स्तनपान कराने में सफलता हासिल हुई.

अब डॉक्टर विचार कर रहे हैं इस बात पर कि क्या इस पद्धति से पुरुषों में भी स्तनपान कराने की क्षमता का विकास किया जा सकता है,.

 

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