विश्व कन्या दिवस: बच्चियों के लिए आत्मरक्षा के गुर

0

सौतुक प्रयास/

आज सयुंक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व कन्या दिवस (वर्ल्ड इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे) है. एक निर्धारित दिन रखने के पीछे का उद्देश्य यही है कि लड़कियों से सम्बंधित समस्या की गंभीरता को समझाने के लिए ज़रूरी जागरूकता लायी जाए.

हाल ही में आये एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत के 50 प्रतिशत बच्चे यौन शोषण के शिकार हुए हैं. वर्ल्ड विज़न इंडिया के द्वारा किये गए सर्वेक्षण में पाया गया कि हर दूसरा बच्चा यौन शोषण का शिकार रहा है. कहना नहीं होगा कि लड़कियों के लिए यह समस्या बड़ी रही होगी.

इस सर्वेक्षण में 12-18 साल के करीब 45 हजार बच्चों को शामिल किया गया. इसमें 26 राज्यों के बच्चे शामिल थे जिन्होंने इस सर्वेक्षण में अपनी आपबीती साझा की.

मीडिया से बात करते हुए इस संस्था के राष्ट्रीय निदेशक चेरियन थॉमस ने कहा था कि इतनी विकराल समस्या होते हुए भी इसपर एक अजीबो-गरीब चुप्पी है. इस पर बात करना ज़रुरी है. सरकारी स्तर पर आंकड़े आयेंगे तभी वास्तविक सच्चाई पता चलेगी कि कितनी संख्या में बच्चे यौन शोषण और किस तरह के यौन शोषण के शिकार हो रहे हैं.

यह भी एक मानी हुई बात है कि ज़्यादातर मामलों में ये बच्चे अपने ही किसी रिश्तेदार या जान-पहचान के लोगों द्वारा निशाना बनाए जाते हैं. करीब 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को अपने ही लोग निशाना बनाते हैं, ऐसे में बच्चे समझ नहीं पाते कि विरोध कैसे करें या किस से इस बारे में बात करें .

इस मौके पर सौतुक बच्चों को जागरुक करने और उन्हें बचाव के तरीकों से अवगत कराने के लिए कुछ तरकीब सुझा रहा है. इसके लिए देखें यहाँ दिया गया पोस्टर.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here