Wednesday, October 16, 2019
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नमक का कर्ज़ नहीं, नमक का रोग कहिये

शिखा कौशिक/ ‘मालिक मैंने आपका नमक खाया है’. हिंदी सिनेमा का कौन सा ऐसा प्रसंशक होगा जो इस डायलॉग से वाकिफ नहीं होगा! बॉलीवुड के...

अब भारतीयों के लिए शराब नहीं खराब?

उमंग कुमार/ सदियों से शायर और कवि मय, मैख़ाने का बखान खूब करते रहे हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उनके असली कद्रदान भारत में...

हर्षवर्धन के हिसाब से वायु प्रदुषण की समस्या विकराल नहीं है

उमंग कुमार/ इस लोकसभा चुनाव में लोग, खासकर दिल्ली वासी थोड़ी राहत महसूस कर रहे थे कि सभी राजनितिक दलों ने अपने मैनिफेस्टो में वायु...

अचानक क्यों बढ़ने लगी है देश में कुष्ठ रोगियों की संख्या?

शिखा कौशिक/ लगभग डेढ़ दशक पहले ही भारत से कुष्ठ रोग के ख़त्म होने की घोषणा हो चुकी थी पर हाल में यह बीमारी फिर बहुत...

कौमार्य परिक्षण अब भी जारी, सयुंक्त राष्ट्र ने आवाज उठाई पर...

अनिमेष नाथ/ जब देश में नवरात्रि का उत्सव चरम पर था और लड़कियाँ देवी के तौर पर देखी जा रही थीं, ठीक उसी समय एक 23 साल कीमहिला को इसलिए गरबे में शामिल होने से रोक दिया गया क्योंकि उसने पारंपरिक कौमार्य परिक्षण या कहें वर्जिनिटी टेस्ट मेंशामिल होने से मना कर दिया था. पुणे की रहने वाली इस महिला का नाम ऐश्वर्या तमाचिकर  है. इनका विवाह इसी साल मई महीने में विवेक तमाचिकर के साथसंपन्न हुआ. न केवल इस महिला ने, बल्कि उसके पति ने भी इस कौमार्य परिक्षण की कुप्रथा को मानने से इनकार करदिया. ऐश्वर्या शादी के पहले से ही इस कुप्रथा का विरोध कर रही थीं और इसके खिलाफ अभियान भी छेड़ रखा था. इक्कसवी सदी में भी प्रचलित इस कुप्रथा के बारे में आइये आपको बताते चलें. यह प्रथा कंजर भाट आदिवासी समुदाय में प्रचलित है जिसमें महिलायें, अपनी शादी की पहली रात सफ़ेद चादर लेकर सोने जाति हैं. सामाजिक...

सांप, गरीबी और सरकार की भूमिका

उमंग कुमार/ कोफ़ी अन्नान सयुंक्त राष्ट्र के महासचिव रहे इसलिए लगभग सारी दुनिया उनसे वाकिफ है. इसके अतिरिक्त अन्नान के कुछ ऐसे योगदान हैं जो...

उम्र बढ़ने के साथ अपने ही घर में गरीब होती जाती...

उमंग कुमार/ नब्बे के दशक में प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने ‘गायब महिलाएं’ (Missing Women) जैसा कुछ शब्द दुनिया के सामने रखा था. उनका कहना...

खारिज किया हुआ मोटा अनाज सुपरफ़ूड बनकर आया सामने

उमंग कुमार/ इसे ही कहते हैं कभी गाड़ी नाव पर तो कभी नाव गाड़ी पर. जिस मोटे अनाज को भारतीय समाज ने गरीबों का भोजन...

सर्वाइकल कैंसर में जानलेवा साबित हो रही है शर्म

शिखा कौशिक/ शर्म और मौत का ऐसा उदाहरण कम ही देखने को मिलेगा. महिलाएं शर्मिंदगी से बचने के लिए सरवाइकल कैंसर के लिए जरुरी जांच...

बच्चों में शराब सेवन हो रहा सामान्य, बंगलुरु में शराब के...

सौतुक डेस्क/ आपको यह जानकार हैरानी होगी कि बंगलुरु के स्कूल में आजकल कई बच्चे अपने पानी के बोतल या जूस के साथ शराब लाते...

शुभ समाचार

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