Tuesday, August 20, 2019
Home Tags India

Tag: India

पानी पानी रे: जब तू फिरे उम्मीदों पर.. फिर क्या ही...

उमंग कुमार/ केंद्र सरकार ने हाल ही में एक नया जल शक्ति (जल) मंत्रालय बनाया है. इसका उद्देश्य है देश में पानी की समस्या पर...

खुला बाज़ार प्रतिस्पर्धा के सिद्धांत पर टिका है पर प्रतिस्पर्धा में...

जितेन्द्र राजाराम/ भारत में चीनी उत्पादों का विरोध हमेशा से ही राष्ट्रवादी विचार का प्रतीक रहा हैं। हालाँकि जिस तरह से चीनी व्यापार भारतीय बाज़ार...

दुनिया से मिल रहे कुछ ऐसे संकेत जिससे सचेत होने की...

जितेन्द्र राजाराम/ दुनिया के कई देशों में कट्टरवाद बढ़ रहा है और रुढ़िवादी पार्टियां सत्ता पर काबिज हो रही हैं। भारत को उदाहरण के तौर...

जिंदगी सिखाती ‘टॉय स्टोरी’

रजनीश जे जैन/ राजेश खन्ना की एक गैर रोमांटिक फिल्म ने इस मई माह में अपनी रिलीज़ के अड़तालीस बरस पूर्ण किये है। परिवार के...

अब भारतीयों के लिए शराब नहीं खराब?

उमंग कुमार/ सदियों से शायर और कवि मय, मैख़ाने का बखान खूब करते रहे हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उनके असली कद्रदान भारत में...

एक एनआरआई का भारत में आकर वोट देने का जोश कैसे...

शिखा कौशिक/ देश में 17 वीं लोकसभा का चुनाव चल रहा है. चारों तरफ यही मुद्दा चर्चा में है और न केवल देश में रहने वाले मतदाता...

जियो बनाम बीएसएनएल: मोदी के विकास की वास्तविक तस्वीर

शिखा कौशिक/ यह तस्वीर याद है. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुकेश अम्बानी के जियो के प्रचार करते हुए अखबारों के पहले पन्ने पर दिखे...

क्या पाकिस्तान कभी भारत से बेहतर था?

शिखा कौशिक/ इसे महज संयोग कहा जाएगा या कुछ और! जिस दिन इमरान खान अपने देश की संसद में भारतीय विंग कमांडर अभिनन्दन वर्थमान को रिहा...

सऊदी के क्राउन प्रिंस सलमान का स्वागत, इस वीभत्स हत्या को...

शिखा कौशिक/ सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पाकिस्तान होते हुए आजकल भारत दौरे पर आये हुए हैं. उनके लिए इन दोनों देशों...

आतंक का साया और कश्मीर: गर फिरदौस बर रुए जमीं अस्त...

रजनीश जे जैन/ पुलवामा की घटना के बाद माहौल में है -  शोक! निराशा! नाराजगी और स्तब्धता! यह मान लिया गया था कि सब कुछ...

अंग्रेज भारतीयों को सिविल सेवा की परीक्षा में क्यों नहीं बैठने...

उमंग कुमार/ इतिहास में एक समय ऐसा भी होता था कि भारत के लोगों को ही यहाँ के सिविल सेवा जिसकी आप आज के यूपीएससी...

जन्मदिन विशेष: भारत के परमाणु शक्ति बनने के सपने को साकार किया...

चैतन्य चन्दन/ हमसब ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल के दौरान पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण के बारे में देखा-सुना है, जिसके सूत्रधार...

लन्दन के उपशहर से एक ऐसी खबर आ रही है जो...

जितेन्द्र राजाराम/ लंदन के उपशहर एजेक्स में जारी एक भयावाह प्रथा का ख़ुलासा हुआ है। विश्वप्रसिद्ध अंग्रेजी के अख़बार द गर्जीयन के हवाले से पता...

सिग्नल का झंडा जाने कब हो गया हर देश की आन-बान-शान

विनीता परमार/ जानवरों और वृक्षों की छाल से तन ढकने वाले मनुष्य से कपड़े से अपना शरीर ढंका होगा और समुद्र के किनारे किसी जंगल...

लोकसभा चुनाव: ‘एक व्यक्ति और एक वोट’ का विचार सिर्फ किताबी...

उमंग कुमार/ लोकसभा का चुनाव सर पर है. निर्वाचन आयोग और तमाम राजनितिक दल आपको आपके वोट का महत्व समझाते फिरेंगे. लेकिन क्या आपको मालूम...

कठपुतलियों का लोकतंत्र: जहाँ डाटा फ्री और आटा के लिए मारामारी...

जितेन्द्र चौरसिया/ 2019 का भारत, परिकल्पना मात्र से आंखों के सामने चकाचौंध से भरा किसी मायालोक जैसा दीखता है। वजह है आगामी लोक सभा चुनाव...

बेरोजगारों की धरती पर बयानों का रोजगार

उमंग कुमार/ कहते हैं अगला विश्व युद्ध पानी के लिए लड़ा जाएगा. क्यों? आईये भारतीय परिदृश्य से समझते हैं. नीति आयोग के हालिया रिपोर्ट के...

दिवाली मनाने से पहले जानें पटाखा उद्योग से जुड़ी कुछ ज़रुरी...

अनिमेष नाथ/ दिवाली की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं. चारों तरफ इसी से जुड़ी चर्चा है. तमाम बातों में पटाखों पर होने वाली...

कौमार्य परिक्षण अब भी जारी, सयुंक्त राष्ट्र ने आवाज उठाई पर...

अनिमेष नाथ/ जब देश में नवरात्रि का उत्सव चरम पर था और लड़कियाँ देवी के तौर पर देखी जा रही थीं, ठीक उसी समय एक 23 साल कीमहिला को इसलिए गरबे में शामिल होने से रोक दिया गया क्योंकि उसने पारंपरिक कौमार्य परिक्षण या कहें वर्जिनिटी टेस्ट मेंशामिल होने से मना कर दिया था. पुणे की रहने वाली इस महिला का नाम ऐश्वर्या तमाचिकर  है. इनका विवाह इसी साल मई महीने में विवेक तमाचिकर के साथसंपन्न हुआ. न केवल इस महिला ने, बल्कि उसके पति ने भी इस कौमार्य परिक्षण की कुप्रथा को मानने से इनकार करदिया. ऐश्वर्या शादी के पहले से ही इस कुप्रथा का विरोध कर रही थीं और इसके खिलाफ अभियान भी छेड़ रखा था. इक्कसवी सदी में भी प्रचलित इस कुप्रथा के बारे में आइये आपको बताते चलें. यह प्रथा कंजर भाट आदिवासी समुदाय में प्रचलित है जिसमें महिलायें, अपनी शादी की पहली रात सफ़ेद चादर लेकर सोने जाति हैं. सामाजिक...

उम्र बढ़ने के साथ अपने ही घर में गरीब होती जाती...

उमंग कुमार/ नब्बे के दशक में प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने ‘गायब महिलाएं’ (Missing Women) जैसा कुछ शब्द दुनिया के सामने रखा था. उनका कहना...

शुभ समाचार

विज्ञानं