अपने सौ साल के इतिहास में पहली बार इंडियन साइंस कांग्रेस हुआ स्थगित

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सौतुक डेस्क/

इस शासन की एक और उपलब्धि. अपने सौ साल से अधिक के इतिहास में जनवरी में आयोजित होने वाला इंडियन साइंस कांग्रेस पहली बार तय दिन पर होना स्थगित हुआ है. यह भारत का विज्ञान के क्षेत्र में सबसे बड़ा आयोजन है जिसमें देश दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिक भाग लेते हैं.

इस बार यह आयोजन हैदराबाद के ओस्मानिया विश्वविद्यालय में 3 से 7 जनवरी तक होना था. इंडियन एक्सप्रेस के एक समाचार के अनुसार इस विश्वविद्यालय ने अब इसे आयोजित करने में अपनी असमर्थता दिखाई है.  विश्वविद्यालय ने इसके लिए कानून व्यवस्था को वजह बताया है. ऐसा माना जा रहा है कि इस विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बड़े पैमाने पर विरोध कर सकते हैं.

‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए प्रोफेसर गंगाधर जो इस संगठन से जुड़े हैं उन्होंने कहा है कि मंगलवार की शाम को हमें बताया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस बार साइंस कांग्रेस को तय तारीख को आयोजित करने में सक्षम नहीं है. हाल ही में एक छात्र ने यहाँ आत्महत्या की है. इसके अतिरिक्त और भी वजहें है. गंगाधर ने कहा है कि यह अप्रत्याशित है और सौ साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है.

इस बार यह आयोजन हैदराबाद के ओस्मानिया विश्वविद्यालय में 3से 7 जनवरी तक होना था. लेकिन विश्वविद्यालय ने अब इसे आयोजित करने में अपनी असमर्थता जताई है

मीडिया के अनुसार 3 दिसंबर को हॉस्टल के बाथरूम में एक छात्र एरामैना मुरली ने आत्महत्या कर ली थी. उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था जिसमें उसने लिखा था कि वह परीक्षा देने की स्थिति में नहीं इसलिए यह कदम उठा रहा है. पर उसके दोस्तों ने आरोप लगाया कि इस नोट की लिखावट मुरली की नहीं है. इन छात्रों ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और मुरली बहुत दिनों से परेशान था.

विश्वविद्यालय प्रशासन के सुरक्षाकर्मियों ने अनुमान लगाया है कि इस साइंस कांग्रेस में आने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के खिलाफ, छात्र बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं. आलम यह है कि इस डर से विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार यह भी सोचा कि साइंस कांग्रेस को हैदराबाद के इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपोजीशन जहां हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय उद्योग्पतिर्यों का सम्मलेन हुआ था, वही पर आयोजित किया जाए.

लेकिन इस पर भी सहमति इसलिए नहीं बन पायी है क्योंकि ओस्मानिया विश्वविद्यालय इस साल अपने स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है और ऐसे में साइंस कांग्रेस विश्वविद्यालय परिसर से बाहर आयोजित होना सही नहीं रहेगा.

 

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