बाजरा को त्यागकर हमने अपना नुकसान किया है, जानिये क्यों

0

सौतुक डेस्क/

पहले के समय में लोग जो उपजाते थे वही खाते थे या फिर दूसरी उपज वाले किसान से अनाज के बदले अनाज या सब्ज़ी वगैरह बदलकर अपने भोजन की व्यवस्था करते थे. उन अनाज के अपने फायदे थे. लेकिन आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में हम इन मूल अनाजों का जाने-अनजाने प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं. लेकिन यदि आपको इनकी गुणवत्ता के बारे में पता चलेगा तो आप दंग रह जाएंगे। जैसे बाजरा, जिसे अंग्रेजी में पर्ल मिलेट कहते हैं.

हमारे यहाँ बाजरा के नाम से जाना जाने वाला यह अनाज प्रोटीन, फाइबर, फास्फोरस, मैग्नीशियम और लोहा जैसे आवश्यक संयुग्मों में समृद्ध है. खनिजों और प्रोटीन से बनी इसकी समृद्ध संरचना के कारण यह बहुत फायदेमंद है. वैसे तो इसकी प्रकृति गर्म होती है. लेकिन यदि सीमित मात्रा में इसका सेवन किया जाय तो इसके बहुत फायदे हैं. डॉक्टर भी इसे कम मात्रा में लेने और गर्मियों में इसके सेवन से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे पाचन संबंधी समस्याएं और असुविधा हो सकती है. इसमें आवश्यक अमीनो एसिड और विटामिन भी शामिल हैं जो इसके चिकित्सीय गुणों को और भी बढ़ा देते हैं.

राजस्थान और गुजरात के अलावा, बाजरा का उपयोग ग्रामीण भारत में अब भी व्यापक रूप से किया जाता है और माना जाता है कि यह सबसे  पुरानी फसलों में से एक है जिसकी खेती बहुत लम्बे समय से होती रही है. जानिये क्यों बाजरे को आपको अपने आहार में शामिल करना चाहिए.

मधुमेह या डायबेटिज़ को कंट्रोल करना

बाजरा मधुमेह को नियंत्रित करने में बहुत कारगर है. कारण है इसके अंदर फाइबर की मात्रा. यह भोजन को धीमी गति से पचाने में मदद करता है. साथ ही यह अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में धीमी दर पर ग्लूकोज जारी करता है. यह लंबे समय तक सही ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है.

वज़न घटाने में मददगार

बाजरे में फाइबर काफी अधिक मात्रा  में पाया जाता है जिससे इसे पेट से आंतों तक जाने में अधिक समय लगता है. इस तरह, आपको जल्दी भूख नहीं लगती. बाजरा आपकी भूख को रोकता है, जिससे वजन काम करने में काफी सहायता मिलती है.

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर बनाये रखना

इसमें फाइटो नामक रासायन होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के पाचन में काफी सहायता करता है. साथ ही यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी स्थिर बनाये रखने में मदद करता है.

पाचन में सहायक

बाजरा अघुलनशील फाइबर में समृद्ध है जो पाचन में सहायता करता है. इतना ही नहीं यह पित्त का स्राव भी कम करता है और पित्त से जुडी बीमारियों से भी  बचाव करता है.

कैंसर को रोकने में सहायक

बाजरा में कैंसर से रक्षा करने वाले गुण होते हैं. एक अध्ययन से पता चला है कि बाजरा का नियमित सेवन पूर्व रजोनिवृत्त महिलाओं को स्तन कैंसर के विकास से बचाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here