सत्तर साल में मुर्गों का वजन तीन गुना कैसे बढ़ गया

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फोटो : विकीकॉमन्स

शिखा कौशिक/

दुनिया में सिर्फ इंसान की ही औसत लम्बाई नहीं बढ़ रही है बल्कि मुर्गे भी अब अधिक बड़े होने लगे हैं. जानकार हैरानी हुई?

लेकिन यह सच है.

अल्बर्टा विश्वविद्यालय के एक अध्ययन से पता चला है कि पिछले सत्तर साल में मुर्गों का औसत वजन तीन गुना बढ़ गया है. यहअध्ययन जर्नल ऑफ़ पोल्ट्री साइंस में प्रकाशित हुआ था. इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 1957, 1978 और 2005 के मुर्गों केअकार के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है.

इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने मुर्गों के 56 दिन के उम्र की तस्वीरों का तुलनात्मक अध्ययन किया. अमेरिका में सामान्यतः एकमुर्गे की उम्र 56 दिन मानी जाती है जब उसको कटने के लिए भेजा जाता है. तस्वीरों के माध्यम से आपको भी मुर्गों के बढ़तेआकार का अंदाजा हो जाएगा.

आलम यह है कि अगर मुर्गे को अपने पूरे उम्र से दस बारह दिन पहले न काटा जाये तो मुर्गा अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता. क्योंकि उसके पैर और हड्डियों में इतनी ताकत नहीं है कि इस वजन को संभाल सके, ऐसा कहना है जॉन वेस्टर का जो ब्रिस्टलयूनिवर्सिटी के पशु विभाग से जुड़े हैं.

मुर्गों का आखिरी दिन आते-आते एक-तिहाई के पैर खराब हो जाते हैं और उन्हें चलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. मजदूरों को घूम-घूम कर मरे हुए मुर्गों को इकठ्ठा करना पड़ता है.

मुर्गों का आखिरी दिन आते-आते एक-तिहाई के पैर खराब हो जाते हैं और उन्हें चलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. मजदूरों को घूम-घूम कर मरे हुए मुर्गों को इकठ्ठा करना पड़ता है

उपरोक्त अध्ययनकर्ता प्रोफेसर हांक क्लासेन ने मीडिया को बताया था कि इन मुर्गों के ऐसे विकास के पीछे कोई केमिकल याहोरमोंस नहीं है. बल्कि सीधा व्यावसायिक उद्देश्य से लिया गया फैसला है जो पोल्ट्री वालों के अधिकतम इजाफे के लिए कियागया.

उनके अनुसार अधिकतम मुनाफे के लिए पोल्ट्री वालों ने ब्रीडिंग के लिए सिर्फ बड़े मुर्गे और मुर्गियां चुनीं और उनसे जो चूजेनिकले वो भी बड़े हुए. यह प्रक्रिया चलती रही और इस तरह आज सामान्यतः पोल्ट्री में उगाये जाने वाले मुर्गों को आकार तीनगुना के करीब बढ़ गया है.

पोल्ट्री फॉर्म वालों ने मुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए सही समय पर खाना इत्यादि भी उपलब्ध कराया और इसी का नतीजा हुआकि मुर्गे आज इतने बड़े होने लगे कि उनके खुद के पैर कमजोर साबित होने लगे.

मुर्गों की इस दुर्दशा को देखते हुए अमेरिका में एक अभियान चलाया गया है कि पोल्ट्री वाले अपने अधिकतम मुनाफे के लिए ऐसे क्रूर न बनें.

अमेरिका में प्रति वर्ष करीब नौ अरब ब्रायलर मुर्गे काटे जाते हैं. पूरे विश्व में इनकी संख्या करीब 60 अरब है. इस विषय परअध्ययन करने वाले विद्वान् कहते हैं कि यह मानव जाति की के अमानवीय होते जाने का सबसे सटीक उदाहरण हैं. अमेरिका मेंइसके खिलाफ अभियान चला और कई कम्पनियां जरुरी सुधार करने को राजी भी हो गई हैं.

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