नमक का कर्ज़ नहीं, नमक का रोग कहिये

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शिखा कौशिक/

‘मालिक मैंने आपका नमक खाया है’. हिंदी सिनेमा का कौन सा ऐसा प्रसंशक होगा जो इस डायलॉग से वाकिफ नहीं होगा! बॉलीवुड के पुराने फिल्मों में नमक का कर्ज़  अदा करना बड़ी शिद्दत से सिखाया जाता था लेकिन अगर विज्ञान की मानें तो जो अधिक नमक खिलाये उसका एहसान मानने की बजाय उससे बीमारी देने की शिकायत की जानी चाहिए.

हाल में आये एक अध्ययन के अनुसार प्रत्येक भारतीय रोजाना लगभग 10 ग्राम नमक का सेवन करता है. यह विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) के अनुसार एक व्यक्ति के शरीर की जरुरत से लगभग दोगुना है.

भारतीय लोगों के अधिक नमक सेवन करने के पीछे बड़ी वजह है चटपटी चीजों को पसंद करना. मसालेदार भोजन और अचार इत्यादि में नमक की अधिक जरुरत पड़ती है. ऐसा तब है जब सरकार ने अधिक नमक खाने से होने वाले नुकसान को लेकर कई जागरूकता अभियान भी चलाये हैं.

इस मुद्दे पर काम कर रहे विद्वानों का कहना है कि समय आ गया है कि सरकार जल्द से जल्द कोई नीति बनाए जिससे भारत भी विश्व के अन्य देशों की तरह नमक कम खाने के लक्ष्य को प्राप्त कर सके. विश्व समुदाय ने 2025 तक नमक सेवन में 30 प्रतिशत की कमी करने का लक्ष्य रखा है.

करीब दस साल पहले रोगों के बोझ को समझने के लिए एक विश्वव्यापी सर्वेक्षण हुआ था तब विशेषज्ञों ने पाया था कि अधिकतर रोगों की वजह, अधिक मात्रा में नमक का सेवन करना था. उसके बाद से पूरे विश्व में भोजन से नमक कम करने के वास्ते कई सारे अभियान चलाये गए.

विश्व समुदाय ने 2025 तक नमक सेवन में 30 प्रतिशत की कमी करने का लक्ष्य रखा है

हालिया अध्ययन उसी प्रयास के तहत है और इसका उद्देश्य यह समझना है कि अब तक किये गए प्रयास से क्या सफलता मिली है. इस अध्ययन में भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यू ज़ीलैण्ड के साथ-साथ 13 देशों के शोधकर्ताओं ने आंकड़े इकठ्ठा किये हैं. इनके अनुसार 13 में से कम से कम छः देशों के लोग अभी भी उतना ही नमक का सेवन कर रहे हैं. भारत उन्हीं छः में से एक देश है. यह अध्ययन क्लिनिकल हाइपरटेंशन नाम के एक जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

इस अध्ययन के अनुसार विकासशील देश जिसमें भारत भी शामिल है अभी भी अधिक नमक का सेवन कर रहे हैं जबकि विकसित देशों ने औसत नमक सेवन की मात्रा को सफलतापूर्वक कम किया है.

हर साल अधिक नमक खाने की वजह से होने वाली दिल की बीमारी की वजह से सोलह लाख से ऊपर लोग से अपनी जान गंवा देते हैं. WHO के अनुसार एक व्यक्ति को एक दिन में अधिकतम 5 ग्राम नमक ही खाना चाहिए.

कुल मिलाकर यह कहना है कि अब कोई आपको अधिक नमक खिलाये तो एहसान मानने की बजाये आप उसे सिखाएं कि वह आपके स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं कर रहा है.

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