राहुल का एक वादा और डगमगाती शिवराज की नैया

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संदीप पौराणिक/

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में गिने चुने दिन बचे हैं. वाजिब है कि इस राज्य के राजनीति में उठापटक हो रही है. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के महज एक वादे ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गुणा-गणित बिगाड़ दिया है.

एक समय में नरेन्द्र मोदी के प्रतिद्वंदी समझे जाने वाले शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ‘किसान हितैषी सरकार’ की छवि बनाई है. मगर राहुल गांधी ने मंदसौर की श्रद्धांजलि सभा में किसानों के कर्ज माफ करने का भरोसा दिलाया और यह चौहान का खेमा इस वादे से होने वाले घाटे को पाटने में लग गया है.

बीते छह तारीख को राहुल गाँधी मंदसौर में थे और मौका था एक साल पहले हुए गोलीकांड पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा. इस गोलीकांड में कई किसान मारे गए थे. इस सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रदेश की शिवराज सरकार को किसान, गरीब, मजदूर और युवा विरोधी करार दिया था. साथ ही सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान भी कर दिया.

राज्य की राजनीति की समझ रखने वाले लोगों का मानना है कि राहुल के कर्जमाफी के ऐलान या क्रिकेट की भाषा में कहें तो मास्टर स्ट्रोक से भाजपा की लाइन लेंथ पूरी तरह गड़बड़ा गई है. राहुल का एक तरफ भाजपा की सबसे बड़ी ‘किसान हितैषी’ होने की ताकत पर वार और दूसरी ओर बड़ी-बड़ी बाधाओं को लांघकर बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों के जमावड़े ने सत्ताधारी दल के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं.

राहुल की सभा के बाद भाजपा में अचानक सक्रियता बढ़ गई है. पार्टी की चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों के बीच जाएं और उनकी समस्याओं को जानकर समाधान के प्रयास करें. साथ ही यह जानें कि आमजन की बेहतरी के लिए और क्या किया जा सकता है.

राहुल की सभा के बाद भाजपा में अचानक सक्रियता बढ़ गई है.

उन्होंने कहा, “यहां किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज मिलता है और 10 प्रतिशत बतौर अनुदान दिया जाता है. ऐसे में किसान कर्ज के बोझ तले कैसे दबेगा? राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद किसानों की स्थिति सुधरी है, सिंचाई सुविधा में बढ़ोतरी हुई है. यही कारण है कि पांच बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है.”

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा, “संघर्ष का शंख बज चुका है, हमें लड़ना है और जीतना है. लड़ाई के लिए जो हथियार चाहिए, वह सरकार की उपलब्धियों के रूप में हमारे हाथ में है. सरकार ने मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना सहित किसान, युवा और महिलाओं के हित में ऐसे-ऐसे काम किए हैं जिनके दूसरे उदाहरण दुनिया में कहीं नहीं मिलते.”

राहुल की सभा के बाद ‘डैमेज कंट्रोल’ के लिए भाजपा नेताओं के बयानों तक ही बात नहीं ठहरी है. पार्टी ने मीडिया में अपनी बात पूरी ताकत से उठाने के लिए पूर्व पत्रकार और सांसद प्रभात झा के हाथ में कमान सौंपी है. उन्हें प्रवक्ताओं, पैनलिस्टों के बीच समन्वय बनाने के लिए पार्टी के समग्र मीडिया का प्रभारी बनाया गया है.

वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस की प्रचार समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा सरकार को ‘किसान विरोधी’ बताते हुए कहते हैं, “इस सरकार के राज में किसानों का नहीं, दलालों और बिचौलियों का फायदा हुआ है. यह किसान को लूटने वाली सरकार है.”

–आईएएनएस

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