‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ ताकि लोग उसकी नाक काटने पर ईनाम घोषित कर सकें?

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शिखा कौशिक/

शनिवार को मानुषी छिल्लर के विश्व सुंदरी बनने की खबर आई. छिल्लर हरियाणा की रहने वाली हैं. वही हरियाणा जो भ्रूण हत्या के लिए जाना जाता है और जहां लडकियां खरीद कर लाई जाती हैं ताकि हरियाणवी लड़कों का घर बस सके. ऐसे में हरियाणा की एक लड़की को विश्व सुंदरी का खिताब दिये जाने के बाद ऐसा लग रहा है मानो विश्व समुदाय हरियाणा से कह रहा हो कि बस बहुत हो गया, अब तो लड़कियों की अहमियत समझो.

अगर सच में ऐसा होगा तो ये पुरस्कार देने वाले अगर जानें कि छिल्लर के देश में क्या हो रहा है यह जान जायेंगे तो सुन्न पड़ जायेंगे. उनके लिए यह समझना मुश्किल होगा ऐसे देश में भ्रूण हत्या रोका जाना चाहिए भी या नहीं. हरियाणा में भ्रूण हत्या की समस्या अधिक बुरी है या उसी के पडोसी राज्य राजस्थान से एक अदाकारा के नाक काटने पर ईनाम दिए जाने की घोषणा होना, इसपर उन्हें सोचना होगा.

राजस्थान में फिल्म ‘पद्मावती’ का विरोध हो रहा है. इस विरोध को और तंग रूप देते हुए, रविवार को दीपिका पादुकोण जो इस फिल्म में पद्मावती के किरदार में हैं, उनके नाक काटने पर ईनाम की घोषणा तक हो गई. किसी ने 5 करोड़ तो किसी ने 10 करोड़ रुपये के राशि की घोषणा भी कर दी. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इस विरोध के मद्देनजर पद्मावती के निर्माताओं ने फिल्म के रिलीज़ की तारीख आगे खिसका दी है.

पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निश्चिंत हैं. उन्होंने छिल्लर के विश्वसुंदरी बनने पर ट्वीट कर बधाई दी. उनके साथ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह भी इसे गर्व की बात बताते हैं. लेकिन इस नाक काटने पर ईनाम देने की घोषणा करने पर अब तक इनकी तरफ से या इनकी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

अनायास यह ख़याल आता है कि प्रधानमंत्री के बधाई वाले ट्वीट से छिल्लर खुश हो रही होंगी या इस नाक काटने वाली घोषणा पर प्रधानमंत्री की चुप्पी से उदास. क्या उनको दीपिका पादुकोण को लेकर चल रहे विवाद से दुःख हो रहा होगा. कहीं उनको इसका डर तो नहीं सता रहा होगा कि अगर गलती से वह फिल्म इंडस्ट्री में चली गईं. यदि उनके फिल्म के खिलाफ विरोध होने लगे और कुछ लोग उनकी नाक काटने पर उतारूँ हो जाएँ. कहीं वह यह सोच के डर तो नहीं रहीं होंगी कि उस समय देश का प्रधानमंत्री और सरकारी अमला चुप हो जाएगा तो फिर वह क्या करेंगी.

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निश्चिंत हैं. उन्होंने छिल्लर के विश्वसुंदरी बनने पर ट्वीट कर बधाई दी. लेकिन इस नाक काटने पर ईनाम देने की घोषणा करने पर अब तक इनके या इनकी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

प्रधानमंत्री का इन सस्ती चीज़ों का जिसमें किसी निजी संस्था का एक लड़की को विश्व सुंदरी घोषित करना, किसी दलाल संस्था का अर्थव्यस्था को पटरी पर बताना, इत्यादि पर ट्वीट कर बधाई देना पर ऐसे मुद्दों पर जब समाज एक दो साल नहीं हजार साल पीछे घिसटता नज़र आता है, चुप्पी साध लेना डराता है.

वैसे देश के प्रधानमंत्री जरुरी मुद्दों पर चुप हो जाने के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में दिल्ली गैस चेम्बर बनी हुई थी. छोटे बच्चे प्रधानमन्त्री को ख़त लिख रहे थे. पूरा देश इस पर चर्चा कर रहा था. बस एक कोई खामोश था तो वे थे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी. देश की जनता को नहीं मालूम की नरेन्द्र मोदी को इस समस्या का भान भी है कि नहीं. रविवार को हरियाणा के भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख ने खुलेआम सिर कांटने पर ईनाम की घोषणा की. याद रहे यह सत्तापक्ष की तरफ से था.

जो भी हो इस नाक काटने पर ईनाम देने की घटना पर प्रधानमंत्री, प्रशासन और समाज के बड़े तबके ने चुप्पी साध ली है. इस सरकार के मंत्री और संत्री जिसमे अनुपम खेर, परेश रावल जैसे बॉलीवुड के कलाकार भी शामिल हैं. ये लोग नोटबंदी जैसे गूढ़ विषय पर तो अपनी बात रखने में कोई संकोच नहीं करते पर जब इनकी इंडस्ट्री के एक कलाकार के साथ इस तरह की बदतमीजी हो रही हो तो इनको चुप रहना अच्छा लगता है. बॉलीवुड के अन्य दिग्गज भी इस मुद्दे पर चुप ही हैं. दूसरी तरफ देश की तमाम राजनितिक पार्टियों ने भी इस पर कुछ नहीं बोला है. यह सब देखकर लगाता है कि पुरुष प्रधान समाज ने या तो इस घटना को तुच्छ माना है या मौन सहमति दी है. ऐसा प्रतीत होता है कि सचमुच देश अब त्रेतायुग में प्रवेश करने वाला है जहां महिलाओं को नाक काटकर उनको सबक सीखाने की परंपरा शुरू होगी. पर फिर यह भी सोचना होगा कि ऐसे में भ्रूण हत्या भी फिर क्यों रोकी जाए.

 

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