कितने साधारण है धर्मेन्द्र प्रधान?

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उमंग कुमार/

नरेन्द्र मोदी सरकार में कैबिनेट विस्तार के दौरान धर्मेन्द्र प्रधान को राज्यमंत्री से आगे बढ़ाकर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया. उसके तुरंत बाद ही प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि यह लोकतंत्र की महानता और ताकत ही है कि उनके जैसे साधारण आदमी को भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिल गई है.

क्या सच में धर्मेन्द्र प्रधान साधारण आदमी हैं? प्रधान के पिता देबेन्द्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सांसद रहे हैं. यही नहीं उनके पिता अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री भी रहे हैं. क्या भारत में साधारण आदमी के होने की परिभाषा यही है?

अगर पूर्व केंद्रीय मंत्री का बेटा साधारण आदमी है तो गोरखपुर में जिनके बच्चे मर रहे हैं उनको किस श्रेणी में रखा जाएगा?

धर्मेन्द्र प्रधान कितने साधारण आदमी है यह तो लोग ही जानें लेकिन यह तो तय है कि भाजपा का यह नेता उड़ीसा में होने वाले विधान सभा चुनाव में अपनी बड़ी भूमिका देख रहा है. वहाँ का विधान सभा चुनाव होने में अब दो साल की भी देरी नहीं है.

ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी का हाई कमान भी धीरे-धीरे उनके महत्व को समझ रहा है.

इसकी बानगी देखने को तब मिली जब रविवार को देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष के सामने वर्तमान सरकार के कैबिनेट का विस्तार हो रहा था. इसमें सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात थी धर्मेन्द्र प्रधान को सबसे पहले शपथ दिलाना. यद्यपि पहले और बाद में शपथ लेने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता पर राजनितिक संवाद इशारों में ही किया जाता है. और इस तरह नरेन्द्र मोदी अपने कैबिनेट में धर्मेन्द्र प्रधान का महत्व बयान कर रहे थे.

उड़ीसा में होने वाले विधान सभा के चुनाव और उसके बाद भाजपा के तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए प्रबल दावेदार धर्मेन्द्र प्रधान ने नरेन्द्र मोदी सरकार की उज्जवला योजना को सफल बनाकर प्रभावित किया है.  इस योजना के तहत सरकार गरीब परिवारों को आधे दाम पर एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराती है.

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्‍य मंत्री रहते हुए धर्मेन्‍द्र प्रधान ने प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना (पीएमयूवाई) का अपेक्षित से भी अधिक तीव्र गति से लक्ष्य प्राप्त कर पार्टी और प्रधानमंत्री को प्रभावित किया है. इस साल के मई महीने तक सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन कर रहे परिवारों के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत 2.20 करोड़ से ज्‍यादा एलपीजी कनेक्‍शन दिये गये हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 1 मई, 2016 को उत्‍तर प्रदेश के बलिया में प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना का शुभारंभ किया था.  सरकार का इस योजना पर जोर देखते हुए कहा जा सकता है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में सरकार इस योजना पर भरोसा करने जा रही है और इसमें धर्मेन्द्र प्रधान कि भूमिका अहम् रही है.

शायद यही वजह है कि प्रधान को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए  कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री भी बनाया गया है. सनद रहे कि वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी चुनौती है देश के करोड़ो युवाओं को रोजगार मुहैया कराना.

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