आयातित आईडिया पर आधारित टीवी शो!

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रजनीश जे जैन/

रजनीश जे जैन/

टेलीविजन पर इन दिनों दो अलग मूड के शोज ने दर्शकों की लामबंदी कर दी है। यद्यपि दोनों ही शो नए नहीं ही लेकिन  इनका वफादार दर्शक समूह इन्हे इनकी शुरुआत से ही सफल बना रहा है। ये दोनों शोज है  ‘कौन बनेगा करोड़पति?’ और ‘बिग बॉस’!

जॉर्ज ऑरवेल ने साल 1949 में अपने उपन्यास ‘1984’ में ऐसे समाज की कल्पना की थी जहाँ का शासक अपनी प्रजा पर नजर रखता है। उसका खौफ इतना बढ़ जाता है कि जब भी कोई व्यक्ति अपने तयशुदा व्यवहार से भटकता है तो उसके साथी उसे सचेत करते हुए कहते है, सावधान! बिग ब्रदर देख रहे है! इसी अवधारणा को ध्यान में रखकर अमेरिकी टीवी चैनल सीबीएस ने 1997 में रियलिटी शो ‘बिग ब्रदर’ का प्रसारण आरंभ किया। चुने हुए आठ दस प्रतियोगियों को एक मकान में बंद कर दिया गया जहाँ संचार की कोई सुविधा नहीं थी। इन लोगों की हरेक गतिविधि पर कैमरे से नजर रखी जाती थी और उस रिकॉर्डिंग को टीवी पर प्रसारित कर दिया जाता था। अनदेखे को देखने का प्रलोभन हरेक मनुष्य  के अवचेतन में मौजूद रहा है। मनुष्य की इस स्वभाविक कमतरी पर आधारित इस शो को दुनिया के लगभग सभी देशो के टेलीविजन चैनलों ने अपने संस्करणों में प्रस्तुत किया है। इस शो की धुंआधार सफलता ने भारत में ‘बिग बॉस’ को प्रेरणा दी।

अमेरिकी टीवी की तरह बिग बॉस में वैसा खुलापन नहीं रहा परंतु फिर  भी इसके प्रतियोगियों का अशालीन व्यवहार कई बार चर्चा का विषय बना। दूसरों का  ध्यान आकर्षित करने की मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृति रही है। इस भाव का फायदा उठाकर इसके कई प्रतियोगियों ने बेशर्मी की रेखा कई बार लांघी है। भारत में इस शो को देर रात प्रसारित करने का समय दिया गया है। फिलहाल ‘बिग बॉस’ का तेरहवाँ सीजन चल रहा है और हमेशा की तरह सलमान खान अपनी स्टाइल से इसे प्रस्तुत कर रहे है। 2006  से आरंभ हुए इस शो को अरशद वारसी, शिल्पा शेट्टी, संजय दत्त, फराह खान आदि ने होस्ट किया था परंतु सबसे ज्यादा बार मेजबानी का रिकॉर्ड सलमान खान ने बनाया है।

एक  दिलचस्प तथ्य भी इस शो के साथ जुड़ा हुआ है कि जब भी इसका प्रसारण आरंभ होता है, इसके कंटेंट को लेकर आलोचनाए शुरू हो जाती है। समाचार पत्रों से लेकर सोशल मीडिया तक पर सलमान के रूखेपन और प्रतियोगियों के चाल चलन पर डटकर छींटाकशी होती है परंतु शो बदस्तूर चलता रहता है। इसकी टी आर पी पर कोई फर्क नहीं पड़ता। बिग बॉस जहाँ वयस्कों के लिए मान लिया गया है वही  ‘कौन बनेगा करोड़पति?’ हर उम्र के दर्शकों में लोकप्रिय बना हुआ है।

ब्रिटिश टीवी शो ‘हु वांट टू बी मिलिओनीयर’ (1998 ) पर आधारित इस शो को अमिताभ बच्चन की विनम्रता और शालिनता ने नई ऊँचाइयाँ प्रदान की है। प्रतियोगियों से  बात करने का उनका लहजा कई दिल जीत लेता है। इस शो की शुरुआत से एक बार को छोड़कर अमिताभ ही  इसके प्रस्तोता रहे है। फिलहाल इस शो का ग्यारहवां सीजन दर्शकों को लुभा रहा है।  2003 में बच्चन जी के  अस्वस्थ हो जाने की वजह से शाहरुख़ खान को मौका दिया गया था परंतु वे बिग बी की बराबरी नहीं कर पाए। केबीसी हिंदी की तर्ज पर लगभग सभी रीजनल  भाषाओ में इस शो को बनाया जा चूका है।

यद्यपि अधिकाँश रियलिटी टीवी शो अपना एक दर्शक वर्ग बना लेते है परंतु भारतीय टेलीविजन अब तक प्रसारित  कोई भी शो मौलिकता का दावा नहीं कर सकता क्योंकि अधिकांश कार्यक्रमों  की अवधारणा से लेकर सेट और लेबल  तक आयातित शोज पर ही निर्भर रहे है । फिर चाहे  ‘इंडियन आइडियल’ हो या ‘इंडिया गोट टैलेंट’ या ‘झलक दिखला जा’ या फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ हो या ‘कॉमेडी विथ कपिल’ हो या ‘कॉमेडी सर्कस’ हो!

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(रजनीश जे जैन की शिक्षा दीक्षा जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय से हुई है. आजकल वे मध्य प्रदेश के शुजालपुर में रहते हैं और पत्र -पत्रिकाओं में विभिन्न मुद्दों पर अपनी महत्वपूर्ण और शोधपरक राय रखते रहते हैं.)

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