टाइम्स ग्रुप के मालिक विनीत जैन ‘कंडोम प्रचार’ पर अपना मत देने के लिए हुए ट्रोल

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सौतुक डेस्क/

यही होता है जब आप सरकार और उसकी कुछ नीतियों के प्रति सुविधानुसार राय रखते हैं. टाइम्स समूह के मालिक विनीत जैन को ट्वीटर पर लोगों के गुस्से का स्वाद चखना पड़ा जब जैन ने, सरकार के दिन के समय में कंडोम के प्रचार पर प्रतिबन्ध का विरोध किया. सरकार ने सुबह छः से रात दस बजे तक कंडोम के प्रचार को टीवी पर नहीं दिखाने का फैसला किया है.

कई लोगों ने इस मीडिया मुग़ल को हिप्पोक्रेट करार देते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार के खिलाफ तभी बोल सकते हैं जब इनको प्रचार से मिलने वाला पैसा कम होता दिखता है.

“आपने भाजपा के कई गलतियों के समय में अपने चैनल टाइम्स नो को सेंसर कर इस सरकार की मदद की है. बड़ी बड़ी पार्टियों में शामिल होने वाले ऐसे लोग को शर्म आनी चाहिए. जब तक आप अपने चैनल को सही तरीके से खबर दिखाने की छूट नहीं देते, आपको सही-गलत बताने का कोई अधिकार नहीं है,” ऐसा लिखते हैं अलोक जिनका ट्वीटर हैंडल है @nomoremodi.

सुबह छः बजे से रात दस बजे तक कंडोम से जुड़े प्रचार नहीं दिखाने के सरकार के फैसले का विरोध करते हुए विनीत जैन ने एक ट्वीट किया था. “ऐसे प्रचार 6 am- 10 pm के बीच दिखाने की अधिक जरुरत है. कोई भी यही चाहेगा कि उसका बच्चा कंडोम इस्तेमाल कर किसी तरह अनचाहे गर्भ से निश्चिंत हो बजाय कि सेंसुअल प्रचार की चिंता करने के. बच्चों को ऐसे कामुक विडियो इन्टरनेट पर आजकल आसानी से उपलब्ध हैं. सेंसरशिप का मतलब मूर्खतापूर्ण निर्णय लेना नहीं होता, विनीत जैन ने लिखा. विनीत टाइम्स ग्रुप के अन्दर आने वाले टाइम्स नाउ, अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया, हिंदी के नवभारत टाइम्स के मालिक हैं.

हाल के दिनों में टाइम्स समूह पर मीडिया के मूल्यों से इतर जाकर सरकार के फैसलों के समर्थन का आरोप लगता रहा है.

हाल के दिनों में टाइम्स समूह पर मीडिया के मूल्यों से इतर जाकर सरकार के फैसलों के समर्थन का आरोप लगता रहा है

“खबरें जो ज़रूरी और प्रासंगिक हैं उनको न दिखाकर यह सेंसरशिप की बात करता है. क्या आपने राजस्थान में हुई हत्या पर सवाल उठाये, नोटबंदी और जीएसटी, बढ़ती कीमत से जुड़ी समस्या पर कोई सवाल उठाये. इसके बदले में राहुल मोदी से घृणा करते हैं, राहुल का पाक से सम्बन्ध जैसे खबरें दिखाने वाला इनका चैनल एकदम मूर्ख और भ्रष्ट है,” एक ट्वीटर अकाउंट से लिखा गया.

विनीत जैन के ट्वीट के जवाब में कई लोगों ने उन्हें अपने मेसेज सही करने को कहा. लोगों ने उन्हें सुझाया कि इसके बजाय जैन को यह लिखना चाहिए कि कंडोम का प्रचार ऐसे तैयार किया जाए जिससे परिवार के साथ देखने में लोगों को दिक्कत भी न हो और जरुरी लोगों को सही सन्देश पहुँच भी जाए.

जैन के ही जवाब में एक ट्वीटर हैंडल से लिखा गया कि “यद्यपि मैं सरकार के इस प्रतिबन्ध का समर्थन नहीं करता पर मेरा एक साधारण सा सवाल है. कंडोम के प्रचार को इतना सेंसुअल बनाने की जरुरत ही क्यों है? इसको सीधे-सीधे क्यों नहीं बनाया जा सकता जिससे जरुरी सन्देश लोगों तक पहुँच जाए बस?”

 

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