अर्नब गोस्वामी का चिल्लाना रिपब्लिक टीवी को पड़ा भारी, अब माफ़ी मांगनी होगी

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सौतुक डेस्क/

रिपब्लिक टीवी को एक शख्स से माफ़ी मांगनी होगी जिसको इस चैनल के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी ने अपने चैनल के बहस के दौरान चिल्लाते हुए भला-बुरा कहा था. इसी गलती के लिए यह चैनल एक पत्रकार से पहले भी माफ़ी मांग चुका है.

दी न्यूज़ ब्राडकास्टिंग स्टैण्डर्ड अथॉरिटी ने रिपब्लिक टीवी को अपने प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी के इस्तेमाल किये गलत शब्दों के लिए माफ़ी माँगने को कहा है. इस आदेश के अनुसार रिपब्लिक टीवी को यह माफीनामा पूरे स्क्रीन पर दिखानी होगी. इसके लिए समय मुक़र्रर हुआ है सात सितम्बर. रात नौ बजे से शुरू होने वाले प्रोग्राम के ठीक पहले.

जैसा कि गोस्वामी पहले भी करते रहे हैं वैसा ही कुछ गलत इन्होने पिछले जनवरी माह में कर दी लेकिन इस बार सामने वाला व्यक्ति सिर्फ झल्लाकर नहीं बैठ गया बल्कि इनको सबक सिखाने की सोच ली.

ए सिंह ने न केवल मेल भेजकर इस चैनल को यह गलत और विवादित विडियो हटाने को कहा बल्कि दी न्यूज़ ब्राडकास्टिंग स्टैण्डर्ड अथॉरिटी में शिकायत भी दर्ज करा डी. इस शिकायत पर 30 अगस्त को यह आदेश जारी किया गया.

सिंह ने शिकायत की थी कि रिपब्लिक टीवी ने इनपर अपने एक पत्रकार को छेड़ने का गलत आरोप लगाया था. यह 9 जनवरी को आयोजित जिग्नेश मेवानी की एक रैली की बात है. रिपब्लिक टीवी की एक महिला पत्रकार जिग्नेश मेवानी के एक  रैली में आये ‘कम लोगों’ पर रिपोर्टिंग कर रही थी जब उसके साथ कुछ लोगों की झड़प हुई. उस महिला को वहाँ से निकालने के लिए पुलिस को आना पड़ा था.

अर्नब गोस्वामी का इन शब्दों को इस्तेमाल करना न केवल गलत है बल्कि ब्राडकास्टिंग मानक का उल्लंघन भी है

अर्नब गोस्वामी को तो चिल्लाने के लिए बस एक बहाना चाहिए. इन्होने अपने चैनल पर चीखते हुए कहा था कि मैं चाहता हूँ कि इन लोगों को चेहरे को गोल घेरे में दिखाया जाए. यह उस विडियो में दिख रहे लोगों के बारे में था जिसमें रिपब्लिक टीवी के पत्रकार के साथ झड़प हो रही थी. गोस्वामी ने इन्हें आवारा, गुंडा इत्यादि जैसे संबोधन दिया और कहा था कि मैं चाहता हूँ कि हमलोग मिलकर इनका नाम लें और इन्हें शर्मसार करें.

इस पर ए सिंह ने शिकायत दर्ज करा दी और इस संस्था ने रिपब्लिक टीवी को सात सितम्बर को अपने नौ बजे से शुरू होने वाले शो के ठीक पहले माफीनामा दिखाने का आदेश दिया है.

इस आदेश में कहा गया है कि इस विडियोफुटेज में ऐसा कुछ नहीं है जिससे यह साबित होता हो कि शिकायतकर्ता ने कोई अश्लील काम किया हो या धमकी दी हो. ऐसे में इस शख्स को टीवी चैनल पर इस तरह दिखाना और अवांछनीय शब्द इस्तेमाल करना सरासर गलत है. अर्नब गोस्वामी का इन शब्दों को इस्तेमाल करना न केवल गलत है बल्कि ब्राडकास्टिंग मानक का उल्लंघन भी है.

शिकायतकर्ता के बार बार मेल लिखने के बाद रिपब्लिक टीवी ने उस फुटेज को अपने वेबसाइट और यूट्यूब से हटा लिया है. इसी सिलसिले में रिपब्लिक टीवी ने दस जनवरी को एबीपी चैनल के एक पत्रकार से माफ़ी मांगी थी. यह पत्रकार भी उन लोगों में शामिल था जिसपर गोस्वामी ने बेवजह आरोप लगाये थे. इस चैनल ने एबीपी के पत्रकार के चेहरे को भी गोले से घेर दिया था. बाद में चैनल ने यह कहते हुए माफ़ी मांग ली कि यह अनजाने में हुई गलती है.

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