ऐसा क्या हुआ कि इस लड़की के बचाव में मुख्यमंत्री तक को आगे आना पड़ा?

0

शिखा कौशिक/

इस सवाल का जवाब जानने के पहले यह जान लें कि यह लड़की कौन है. हाल ही में मलयाली भाषा के कुछ अखबारों ने इस लड़की के बारे में खबर प्रकाशित की थी. इन अखबारों के अनुसार हनान हामिद की कहानी में वह सबकुछ है जिसे जानने के बाद लोग न केवल रोमांच बल्कि जोश से भर जाएंगे .

जीवन के कठोर सत्य से रोज रुबरु होती इस लड़की ने भी ज़िद् कर ली कि हार नहीं मानेगी और आज यह लड़की अपने बलबूते न केवल अपनी पढ़ाई जारी किये हुए है बल्कि अपने घर का खर्च भी चला रही है. इस खबर के प्रकाशित होने के बाद ही सोशल मीडिया पर लोग इसे शेयर करने लगे.

मलयाली भाषा के बड़े अखबार मातृभूमि ने बुधवार को कि हनान के इस संघर्षरत जीवन का ब्यौरा प्रकाशित किया था. इडूक्की नाम के शहर के एक निजी कॉलेज से हनान स्नातक की पढाई पूरी कर रही हैं. और इनका विषय है रसायन विज्ञान.

इस खबर के अनुसार हनान की दिनचर्या तब शुरू होती है जब गली-मोहल्लों में सब सो रहे होते हैं. ये जुझारू लड़की अल्लसुबह तीन बजे उठ जाती है और पहला एक घंटा पढ़ाई करती हैं. किराए के घर में रहने वाली यह लड़की करीब घंटे भर की पढाई करने के बाद साईकिल से चम्बक्कारा के लिए निकल जाती है. वहाँ जाने का उनका मकसद थोक भाव से मछली खरीदना होता है. खरीदने के बाद यह अपनी साईकिल और मछली ऑटो रिक्शा पर लादकर कोच्ची पहुंचती हैं. इसी शहर में यह सारी मछली किसी रिश्तेदार के घर पर रखी जाती है.

अखबार में छपी खबर के अनुसार मछली को सहेजने के बाद यह लड़की अपने घर वापस आती है. कॉलेज जाने का समय नजदीक आ चूका होता है. तैयार होकर सरकारी बस से कॉलेज के लिए निकल पड़ती है. कॉलेज से इनके घर की दूरी 60 किलोमीटर है. पूरे दिन की पढाई करने के बाद यह लड़की कॉलेज से सीधे अपने उस रिश्तेदार के घर जाती हैं जहां उसने मछली रखी होती है. वहाँ से मछली लेकर वह बाज़ार जाती है. वहाँ मछली बेचती है और फिर घर लौटती है.

मीडिया के अनुसार हनान को यह संघर्ष इसलिए करना पड़ता है क्योंकि उसके घर की माली हालत ठीक नहीं हैं. माता-पिता में तलाक हो चुका है. पिता को नशा करने की लत है तो माँ मानसिक रूप से बीमार हैं. पहले अपनी फीस के लिए इन्होंने छोटे-छोटे बच्चों को ट्यूशन देने का काम भी किया है. इनको अभिनय करने, कविता लिखने इत्यादि में भी रूचि है.

बुधवार को प्रकाशित होने के कुछ ही घंटे में यह खबर सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर वायरल हो गई. खासकर फेसबुक पर. लोग इस लड़की के लगन और ज़िद् की तारीफ़ कर रहे थे. पोस्ट शेयर किये जा रहे थे. कुछ राजनेता और फिल्म स्टार भी इस तारीफ करने वालों में शामिल थे. यहाँ तक कि अरुण गोपी नाम के एक निर्देशक ने उनको एक फिल्म में काम करने का ऑफर भी दे दिया.

और यहीं से कहानी घूम गई. सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर इस लड़की के बारे में बात करने वाले दो धड़ों में बँट गए. जहाँ एक धड़ा हनान  साहस और संघर्ष की तारीफ़ कर रहा था, वहीँ दूसरा इसके खिलाफ हो गया.

कुछ लोगों को इस कहानी में झोल नज़र आया. हनान के कपड़े, उनका सलीके से कटा हुआ बाल, कुछ गहनों की वजह से लोगों ने यह कहना शुरू किया कि इस लड़की की पूरी कहानी ही झूठ है और इस झूठी कहानी को सिनेमा में रोल इत्यादि के लिए बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है. फिर क्या, हनान की ऑनलाइन ट्रॉलिंग शुरू हो गई. लोग इस लड़की के वाल पर जाकर अनाप-शनाप बकने लगे. धमकी देने लगे.

स्थिति यहाँ तक बिगड़ी कि लड़की को सफाई देनी पड़ गई. इन ट्रोल से परेशान हनान ने सुबकते हुए मातृभूमि चैनल से कहा कि ये लोग बिना सच जाने मेरी आलोचना कर रहे हैं. मैं कक्षा सात में थी जब से मुश्किलों का सामना कर रही हूँ.

हालात ऐसे बिगड़े कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को आगे आना पड़ा. उन्होंने कहा कि किसी विद्यार्थी के लिए अपने पैर पर खड़ा होने गर्व की बात है. जब एक विद्यार्थी अपनी शिक्षा- दीक्षा का खर्च खुद वहन करता है तो उसे असीम संतुष्टि का एहसास होता है. ये सब वही लोग समझ सकते हैं जिन्होंने ऐसा कुछ अपने जीवन में किया हो.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हनान का कद इससे भी बड़ा है. इस लड़की ने न केवल अपने बूते अपना पढ़ना-लिखना जारी रखा, बल्कि अपने परिवार का खर्च भी उठाया. उन्होंने कहा कि मुझे इस लड़की पर गर्व है. साथ में यह भी कि इसी बहादुरी से आगे बढ़ते रहो और पूरा केरल तुम्हारे साथ है. मुख्यमंत्री कार्यालय से पुलिस को आदेश जारी हुआ है कि जो हनान को परेशान कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here