उत्तर प्रदेश में पुलिस की नई करामात: चार गदहे चार दिन तक रहे गिरफ्तार

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सौतुक डेस्क/

चार गदहे चार दिनों तक कारावास में रहे और यह करामात कहीं और नहीं बल्कि आदित्यनाथ के राज्य उत्तर प्रदेश में हुआ. कीमती पौधों को खाने के इल्जाम में उत्तर प्रदेश के उरई जिले की पुलिस ने चार दिन तक इन चारों गदहों को कैद में रखा और भारतीय जनता पार्टी के ही स्थानीय नेता के हस्तक्षेप के बाद रिहाई मंजूर की. इन गदहों को सोमवार को रिहा किया गया. कई जगह इन गिरफ्तार गदहों की संख्या आठ बताई जा रही है.

इन जानवरों का गुनाह यह था कि इन्होने उरई जेल परिसर में लगाए गए कुछ पौधे खा लिए और पुलिस को गुस्सा आ गया. बस क्या था पुलिस ने इन गदहों को जेल में डाल दिया.

समाचार एजेंसी एएनआई की एक खबर के अनुसार उरई जेल प्रशासन ने अपने परिसर में पांच लाख रुपये के पौधे लगाने का फैसला किया था और इन्हें जानवरों से बचाना चाह रहे थे. लेकिन इन गदहों को यह नहीं मालूम था सो ये चारो वहाँ पहुँच गए. अपने आदेश का पालन न होते देख गुस्साए पुलिस वालों ने इन गदहों को कारावास में रखने का निर्णय ले लिया.

इन जानवरों का गुनाह यह था कि इन्होंने उरई जेल परिसर में लगाए कुछ पौधे खा लिए और पुलिस को गुस्सा आ गया

इस समाचार एजेंसी से बात करते हुए हवालदार आरके मिश्र ने बताया है कि बड़े अधिकारी जेल परिसर में पांच लाख के कीमती पौधे लगाने वाले थे. इन गदहों के मालिक कमलेश से कहा गया था कि वह इन जानवरों को अच्छे से रखे और उन्हें इन पौधों की तरफ नहीं आने दे. पुलिस के इस आदेश के बाद भी कमलेश अपने गदहों पर ध्यान नहीं दे पाया. चारों गदहे उस ‘वर्जित’ क्षेत्र में घुस गए जहां उन्हें नहीं जाना था. इस अपराध के इलज़ाम में पुलिस ने सबक सिखाने के लिए  इन गदहों को कैदखाने में डाल दिया. यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस का उद्देश्य गदहों को सबक सिखाना था या कमलेश को.

बहरहाल, कमलेश के निवेदन करने पर भी जब पुलिस ने इन गदहों को नहीं छोड़ा तो उसे भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता का सहारा लेना पड़ा. इस नेता का नाम शक्ति गहोई है जिसके पास कमलेश को मदद लेने जाना पड़ा.

कमलेश को ले, गहोई पुलिस के पास गए जहां उनके कहने पर पुलिस ने इन चारों गदहों की रिहाई मंजूर की. ये चारो गदहे सोमवार को कैदखाने के चारदीवारी से बाहर आये.

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