झारखण्ड: काला जादू करने के आरोप में मां-बेटी के सिर मुंडाए

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यह प्रतीकात्मक तस्वीर है

सौतुक डेस्क/

यह है इक्सवी सदी का भारत जहां अब भी काला जादू करने के आरोप में महिलाओं को मारा जाता है, उनके सर मुंडा दिया जाता है. ताजा मामला है झारखण्ड का जहां जादू-टोना करने के आरोप में यहां एक मां और उसकी बेटी के सिर मुंडा दिए गए.

कुछ ग्रामीणों के इस अंध-विश्वास का शिकार हुई है एक 65 साल की महिला और उसकी 35 साल की बेटी  जिन्हें गुरुवार की रात लोगों ने जबरदस्ती मुंडन कर दिया. इस घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गयी है.

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें एक नदी के पास खींच कर ले जाया गया जहां उनके सिर मुंडा दिए गए। बाद में उन्हें सफेद साड़ियां पहनने और सेप्टिक टैंक का पानी पीने के लिए मजबूर किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोनों काला जादू करती हैं.

पुलिस ने इस घटना से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया है.

गांव वालों ने पीड़ितों की एक करीबी महिला रिश्तेदार की मौत का आरोप इन दोनों पर लगा दिया था, हालांकि महिला की मौत बीमारी के कारण हुई थी.

झारखण्ड उन राज्यों में से एक हैं जहां जादू टोना के नाम पर लोगों को प्रताड़ित करने के खिलाफ कानून है पर जमीन पर इसका कोई फायदा नहीं दिखा है

झारखण्ड उन राज्यों में से एक हैं जहां जादू टोना के नाम पर लोगों को प्रताड़ित करने के खिलाफ कानून है पर जमीन पर इसका कोई फायदा नहीं दिखा है.

2015 में 11 सितम्बर को पांच लोगों को जिसमें दो महिला शामिल थी उनको चाक़ू से मार दिया गया. लातेहार जिले के दोहरा गाँव में यह घटना घटी थी और इन लोगों को जादूटोना के आरोप में मारा गया था. झारखंड में पिछले 15 सालों में 700 महिलाओं को डायन बताकर मौत के घाट उतारा जा चुका है.

यह सिर्फ एक राज्य की बात नहीं है बल्कि पूरे भारत में अब भी जादू टोना के नाम पर लोगों को प्रताड़ित करने का सिलसिला जारी है.

एक अध्ययन के अनुसार भारत में पिछले 15 साल में करीब 2,500 महिलाओं को समाज ने यही आरोप लगाकर मार दिया. इसमें प्रताड़ित लोगों की संख्या शामिल नहीं है.

–आईएएनएस

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