एक समय में विलुप्त होने के कगार पर था कड़कनाथ, अब चाहिए तो एप्प डाउनलोड करें

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उमंग कुमार/

एक समय था जब कड़कनाथ प्रजाति ही गायब होने के कगार पर थी. आज इसी मुर्गे को अब ऑनलाइन बेचने की तैयारी हो रही है.

मध्यप्रदेश के आदिवासी इलाके खासकर झाबुआ, अलीराजपुर इत्यादि और छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले इस खास किस्म के मुर्गे की प्रजाति लगभग ख़त्म ही हो चली थी. यह नब्बे के दशक की बात है. आज स्थिति यह है कि न केवल इसे बचाया जा सका है बल्कि अब इसके लिए एप्प बनाया गया है जिसके तहत फ़ोन पर आर्डर कर इसे अपने पते पर मंगा सकते हैं.

अपने स्वाद और कम हानिकारक होने की वजह से शौक़ीन लोगों में इस मुर्गे की अच्छी खासी कीमत मिलती है.

यद्यपि यह मुर्गा सामान्यतः काले रंग में ही पाया जाता है पर यदा कदा दो और रंगों में भी कड़कनाथ को देखा जा सकता है. सुनहरा और पेन्सिल रंग का. सामान्य मुर्गों की तरह, कड़कनाथ प्रजाति की मुर्गियां अंडे नहीं देती. इनके अंडे देने की संख्या सालाना 70 से 100 के करीब ही होती है. दूसरे ये अपने इर्द गिर्द के आबो-हवा को लेकर बहुत संवेदनशील हैं. अगर इनको इनके पसंदीदा मौसम से अलग कर दिया जाए तो इनके बचने की सम्भावना कम हो जाती है. यही वजह है कि एक समय में मुर्गे की यह प्रजाति एक समय में विलुप्त होने की कगार पर पहुँच गई थी जब सरकार ने हस्तक्षेप किया और आज फिर से कड़कनाथ खाने पीने के शौक़ीन लोगों के लिए उपलब्ध हो सका है.

मैसूर के सेंटल फ़ूड एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट ने एक बार अध्ययन करके बताया था कि इस मुर्गे में कई गुण जो लोगों के स्वास्थय के हिसाब से सही है. जैसे दिल के मरीजों के लिए यह मुर्गा मुफीद है.

इस मुर्गा की खासियत है कि इसके मांस में बसा (फैट) कम होता है और प्रोटीन ज्यादा. इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और फैट की मात्रा न के बराबर पाई जाती है. यह विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, कैल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन से भरपूर होता है. यह अन्य मुर्गो की तुलना में लाभकारी है. इसका रक्त, हड्डियां और सम्पूर्ण शरीर काला होता है.

कड़कनाथ अब एप्प पर भी उपलब्ध

अब यह मुर्गा आपको घर बैठे मिल सकेगा, क्योंकि इसके लिए सहकारिता विभाग ने ‘मध्यप्रदेश कड़कनाथ एप’ तैयार किया है. इस एप का बुधवार को सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग ने लोकार्पण किया.

राज्य मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा नए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. सहकारिता से अंत्योदय योजना में सहकारी समितियों का गठन कर रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं. इसी कड़ी में कड़कनाथ मुर्गा-पालन और विक्रय से जुड़ी सहकारी समितियों के लिए ‘मध्यप्रदेश कड़कनाथ मोबाइल एप’ तैयार कर शुरू किया गया है.

उन्होंने बताया कि कड़कनाथ एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति इन समितियों के पास उपलब्ध कड़कनाथ मुर्गा खरीदने के लिए अनलाइन डिमांड कर सकता है. भविष्य में अनलाइन आर्डर के साथ होम डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी.

राज्य मंत्री सारंग ने कहा कि कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा अन्य प्रजातियों के मुर्गो से बेहतर होता है.

राज्य मंत्री सारंग ने बताया कि उपभोक्ता और व्यापारी एप के माध्यम से समितियों तक पहुंच सकते हैं. एप द्वारा समितियों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जा रहा है, जो उन्हें आधुनिक बाजार की सुविधा देगा। एप में उपलब्ध मेन्यु में सीधे क्लिक करने पर समिति का ई-मेल, फोन और उत्पादन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है. मांग और पूछताछ का आप्शन भी दिया गया है. सबमिट बटन पर क्लिक करने से सीधे संस्था को ई-मेल करने की सुविधा है. एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.

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