कोल इंडिया करेगी 37 कोयला खदानों को बंद

0

सौतुक डेस्क/

दुनिया की कोयला खनन से जुड़ी सबसे बड़ी कंपनी कोल इंडिया ने उन 37 खदानों को बंद करने का फैसला किया है जिससे अब कंपनी को फायदा नहीं हो रहा था. देश में हो रहे कुल कोयला खनन में 80 प्रतिशत कोल इंडिया ही करती है. पिछले साल जून में इस कंपनी ने प्रतिदिन औसतन 1.42 टन कोयले का खनन किया था.

जून के शुरुआत में ही इस कंपनी ने मुंबई शेयर बाजार को सूचित किया कि ये 37 खदान बंद करने जा रही है. इस कंपनी के अनुसार, ये सारे 37 खदान मुनाफा बंद हो गया है, अगले साल मार्च तक बंद हो जायेंगे. इस तरह कंपनी द्वारा संचालित कुल खदान का नौ प्रतिशत खदान बंद हो जाएगा.

कंपनी के अधिकारियों के हवाले से टेलीग्राफ इंडिया ने लिखा था कि ऐसा करने से कंपनी को 800 करोड़ रुपये का फायदा होगा.

ऐसा माना जा रहा है कि नविकरिणीय उर्जा के श्रोत के दाम कम होते जाने से कोयले के खनन पर दबाव बनेगा. जिसके लक्षण अब दिखने शुरू हो गए हैं. उर्जा पर काम कर रहे कई संस्थानों का यह मानना है कि आने वाले 20 से 25 साल में उर्जा के लिए कोयला का इस्तेमाल लगभग न के बराबर रह जाएगा. अगर नए उर्जा के श्रोत के दाम यूँही कम होते रहे तो कोयला जनित उर्जा बाजार में टिक नहीं पायेगी. इन नए उर्जा श्रोत में शामिल है सौर, वायु उर्जा इत्यादि. इन उर्जा के श्रोत के विस्तार में अभी सबसे अधिक बाधा स्टोरेज को लेकर है, जिसमे देश विदेश की कई सारी कम्पनियां लगी हुई हैं. अगर ये सफल हुईं और स्टोरेज की समस्या का समाधान निकल पाया तो सौर और ऐसे तमाम नए उर्जा के श्रोत के सामने कोयले का टिकना लगभग असंभव हो जायेगा.

पिछले मई में ही भारत ने 14 गीगावाट की क्षमता के विद्युत् सयंत्र बनाने का फैसला रद्द कर दिया. इस सयंत्र में बिजली का उत्पादन कोयले से होना था. इस फैसले के पीछे सौर उर्जा के दाम के गिरना था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here