इस इक्कसवीं सदी में देश की सुरक्षा के लिए यज्ञ कराएगी भाजपा

0

उमंग कुमार/

देश की सीमा पर सेना के जवान मर रहे हैं. इस साल अब तक डेढ़ महीने में करीब 25 लोग जिसमें सेना के जवान और आम नागरिक शामिल हैं, मारे जा चुके हैं. सैनिकों के पास आत्मरक्षा के लिए जरुरी हथियार नहीं है.

आनन-फानन में इस सप्ताह  सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपये की लागत का  मशीनगन, राइफल और स्निपर राइफल खरीदने की अनुमति दी. ऐसी नौबत क्यों आई, क्या सरकार अब तक सो रही थी?

बृहस्पतिवार को अंग्रेजी अखबार ‘दी इंडियन एक्सप्रेस’ के अपने सम्पादकीय में प्रताप भानु मेहता लिखते हैं कि सुरक्षा पर देश का खर्चा कम हुआ है और चौथे साल में जाकर यह  इस सरकार  स्निपर राइफल खरीदने को मंजूरी देती है.

याद रहे कि यह इस सरकार का चौथा साल है और सैनिकों को हथियार की इतनी किल्लत झेलनी पड़ रही है.इस सरकार के चार साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में अब इनकी मजबूरी है कि कोई ऐसा शिगूफा छोड़ें जिससे ये लोगों के सवाल से बच पायें.

इसके लिए इनके पास सबसे बेहतर उपाय है धर्म का हथियार. इसमें यह राजनितिक दल माहिर है. अपनी चार साल की असफलता को छिपाने के लिए इन्होंने एक महायज्ञ  कराने का फैसला किया है. और इस महायज्ञ के लिए देश के तमाम महत्वपूर्ण मंदिर और सीमा रेखा से मिटटी और पानी लाया जायेगा.

देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को  रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाई

इसके लिए देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को  रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाई. वही राजनाथ सिंह जिनके गृहमंत्री रहते कई बार आतंकवादी, सेना के कैंप में तक घुस चुके हैं.

गृहमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद यह रथ मिटटी और पानी लाएगा फिर सत्तारूढ़ दल एक यज्ञ कराएगा ताकि देश में शांति बहाल हो सके.

एक अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट ‘दी प्रिंट’ से बात करते हुए भाजपा के एक सांसद महेश गिरी ने कहा कि यज्ञ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि देश के भीतर और बाहर देश के बारे में बुरा सोचने वाले बहुत हो गए हैं. देश में ऐसे बहुत से लोग है जो देश को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं.

गिरी पूर्वी दिल्ली से भाजपा के सांसद है और इस आयोजन में सक्रिय हैं.

गृह मंत्री ने बुधवार को इंडिया गेट से ‘जय मिटटी रथ यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई. आयोजकों का कहना है कि यह रथ देश के सारे महत्वपूर्ण मंदिरों, सीमा रेखा जैसे वाघा और कारगिल सीमा, डोकलाम इत्यादि जाकर वहाँ की मिटटी और पानी लेकर आएगा. यह पानी और मिट्टि लाल किले के प्रांगण में मार्च में होने वाले महायज्ञ में इस्तेमाल किया जाएगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here