कश्मीर में पत्थरबाजी करती हुई लड़की अफशां की कहानी जल्द ही बड़े परदे पर

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शिखा कौशिक/ 

कश्मीर की एक लड़की जो चर्चा में तब आई जब सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकते हुए उसकी तस्वीर अखबारों में छपी और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर वायरल हो गई. उस एक तस्वीर ने आज लड़की को उस मुकाम पर ला दिया है कि अब उसके जीवन पर आधारित एक फिल्म बनने जा रही है.

जी हाँ, सही पढ़ा आपने. इस 23 साल की कालेज जाने वाली यह छात्रा जब अपने चेहरे को दुपट्टे से छिपाकर पत्थरबाजी में शामिल हुई थी तो देश के बड़े-बड़े हुक्मरानों को पसीना आ गया होगा. अभी तक पत्थर फेंकते लड़कों को ही सँभालने में दिक्कत आ रही थी और जब लड़कियां सड़क पर उतर जाएँ तो सुरक्षाबलों के लिए यह लड़ाई कितनी मुश्किल होने जा रही थी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. देश में इस बात पर बहस शुरू हो गयी कि लड़कियों का ऐसे मुद्दे में शामिल होना कितना जायज है.

 वह लड़की जिसका नाम अफशां आशिक है, वह कोई सामान्य लड़की नहीं है. अपने फुटबाल से जुड़े जूनून के लिए जानी जाने वाली इस लड़की ने अपने जैसों के साथ मिलकर फुटबाल की एक पूरी टीम तैयार की है.  और यह सब उसके चर्चा में आने के पहले किया जा चुका था.

अब आलम यह है कि उस लड़की से राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने मिलने का निर्णय लिया और उस के फुटबाल से जुड़े जूनून को देखते हुए उन्होंने तय किया है कि राज्य में महिला फुटबाल को बढ़ावा दिया जाएगा

अब आलम यह है कि उस लड़की से राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने मिलने का निर्णय लिया और उस लड़की के फुटबाल से जुड़े जूनून को देखते हुए उन्होंने तय किया है कि राज्य में महिला फुटबाल को बढ़ावा दिया जाएगा. यह नहीं बात आगे बढ़ी और अफशां जम्मू कश्मीर महिला फुटबाल टीम न केवल गोलकीपर हैं बल्कि उस टीम की कप्तान भी हैं. अफशां मुम्बई के एक क्लब के लिए भी खेलती हैं.

अभी कहानी यही ख़त्म नहीं हुई. राज्य में फुटबाल को नई ऊँचाई देने की तमन्ना रखने वाली इस लड़की को हाल ही में देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने का मौका मिला. अफशां के साथ उनकी 22-सदस्यों की टीम भी थी. इनलोगों ने गृहमंत्री से अनुरोध किया कि कश्मीर में भी स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया का एक इंस्टिट्यूट खुले, जहां लड़कियों को बराबर ट्रेनिंग दी जाए.

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार अफशां से जब पूछा गया कि पत्थरबाजी वाली घटना पर उन्हें कोई अफ़सोस है कि नहीं, इसपर उनका जवाब था, ‘नहीं’. अफशां ने स्पष्ट किया कि वह गुस्से में लिया गया एक कदम था. गुस्से की वजह जम्मू कश्मीर पुलिस के द्वारा भद्दी भाषा का प्रयोग तथा उनकी टीम के एक सदस्य को थप्पड़ मारना था.

जो भी हो इस लड़की के जीवन ने इसी उम्र में फिल्म बनाने वालों को प्रभावित किया और गुलशन ग्रोवर अपने बेटे संजय ग्रोवर के साथ मिलकर इस मुद्दे पर एक फिल्म बनाने का फैसला किया है. इस फिल्म का नाम ‘होप सोलो’ है जिसका निर्देशन मनीष हरिशंकर करेंगे.

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