क्रिकेटप्रेम के अतिरेक में क्रिकेटर के बाद अब उसकी जर्सी को संन्यास

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सौतुक डेस्क/

सचिन तेंदुलकर अगर भारत में क्रिकेट के भगवान है तो फिर उनके भक्त भी होंगे. उन्ही भक्तों की भक्ति का कमाल है कि अब तक खिलाड़ी ही संन्यास लेते थे, अब खिलाड़ियों की जर्सियां भी संन्यास लेने लगी हैं.

शायद क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सचिन तेंदुलकर की जर्सी के नंबर को अधिकृत तौर पर रिटायर घोषित कर दिया. अब भारत की तरफ से इस जर्सी नंबर-10 का इस्तेमाल कोई खिलाड़ी नहीं कर पायेगा.

जर्सी का यह नंबर सचिन तेंदुलकर इस्तेमाल किया करते थे जो वर्ष 2013 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. इसके चार साल बाद उनको इज्ज़त बख्शते हुए BCCI ने अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान से उनकी इस जर्सी को भी रुखसत कर दिया. कहते हैं कि सचिन के रिटायरमेंट के बाद से ही इस जर्सी को भी रिटायर करने की बात चल रही थी.

भारत में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन ने इस जर्सी नंबर को आखिरी बार 2012  में पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल किया था. यह सचिन तेंदुलकर का आखिरी एक दिवसीय मैच था.

सचिन ने इस जर्सी नंबर को आखिरी बार 2012  में पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल किया था

यह तो भगवान के पक्ष की कहानी थी. अब भक्तों के पक्ष की कहानी. इसी साल अगस्त में नए गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए 10 नंबर की जर्सी पहन ली. भक्त आहत हो गए. उन्होंने शार्दुल को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ट्रोल करना शुरू कर दिया. ये खेलप्रेमी खेल भावना से इतने ओत-प्रोत थे कि  उन्होंने ने इस नए खिलाड़ी से पूछना शुरू कर दिया के सचिन तेंदुलकर बनने की कोशिश कर रहे हो क्या? इस खिलाड़ी को इन खेलप्रेमियों का भारी विरोध झेलना पड़ा.

भविष्य में भक्त खेलप्रेमियों की भावना आहत न हो इसको देखते हुए BCCI ने जर्सी के इस नंबर को ही अधिकृत तौर पर रिटायर करने का फैसला कर लिया है. न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी. BCCI के इस कदम के बाद अगर कोई खिलाड़ी इस नंबर की जर्सी पहन कर खेलना चाहेगा तो उसे घरेलु क्रिकेट से ही समझौता करना पड़ेगा. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उसे या तो क्रिकेट या यह जर्सी चुननी पड़ेगी.

यह बीसीसीआई द्वारा सचिन के क्रिकेट में योगदान को देखते हुए उठाया गया यह कदम अनोखा सम्मान कहा जा सकता है.

 

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