सिम्बा: रोहित शेट्टी की पुरानी फिल्मों जैसी ही है यह नई फिल्म

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सैयद एस. तौहीद/

सैयद एस. तौहीद

रणवीर सिंह – सारा अली खान की एक्शन एंटरटेनर ‘सिंबा’ सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है। रोहित शेट्टी की फिल्म ‘मसाला एंटरटेनर’ फिल्मों में अगली कड़ी है। एक्शन व कॉमेडी रोहित शेट्टी की फिल्मों की पहचान रहे हैं। सिम्बा में भी वही बात है। अक्षय कुमार व सिंघम फेम अजय देवगन के कैमियो फिल्म का मज़ा बढ़ा देते हैं। सिंबा और सिंघम की जोड़ी को देखकर दर्शकों का दिल खुश है। फ़िल्म को अच्छा रिस्पांस मिला है।

बाजीराव सिंघम के गांव शिवगढ़ का रहने वाला अनाथ लड़का संग्राम भालेराव उर्फ़ सिम्बा  (रणवीर सिंह) बचपन से ही पुलिस में जाना चाहता है। पुलिस की वर्दी के जरिये पैसे कमाना चाहता है। यही ख़्वाब उसे भ्रष्ट बना देता है। ड्यूटी निभाते हुए उसका एक ही एजेंडा होता है कि वह जायज-नाजायज तरीके से रुपए हासिल कर सके। इसी बीच उसका तबादला गोवा में कर दिया जाता है। वो काली ताकतों हिमायती हो जाता है।

सिंबा की पोस्टिंग गोवा के मिरामार इलाके में है। रोहित शेट्टी और गोवा पर एक पूरी आर्टिकल लिखी जा सकती है। मीरामार में ख़तरनाक दुर्वा रानाडे (सोनू सूद) का राज चलता है। रुपए की लालच या यूं कहें जल्द अमीर बनने की चाह में सिंबा दुर्वा रानाडे से हाथ मिला लेता है। वो राज करने के सपने देखने लगता है। इसी बीच उसकी मुलाकात शगुन (सारा अली खान) से होती । धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में तब्दील हो जाता है। एक घटना की वजह से लालची सिंबा का हृदय परिवर्तन होता है। बेईमानी ईमानदारी में बदल जाती है।

कहानी पूरी तरह से फॉर्मूला स्टीरियोटाइप है। सिम्बा के किस्म की अनेक कहानियां बॉलीवुड में गढ़ी जा चुकी हैं। भ्रष्ट अफसर का बाद में सच्चा सेवक बन जाना लेकिन फिर भी आंखों को भाता है। लार्जर दैन लाईफ कथाएं हमें पसंद आती हैं।

‘सिंबा’ के दोनों हाफ़ ठीक है। मनोरंजन के लिहाज़ से फ़िल्म निराश नहीं करती। सेकंड हाफ़ में कहानी थोड़ी फिसलती नज़र आई है। लेकिन अजय देवगन उसे बचा ले जाते हैं। सिंघम व सिम्बा का कनेक्शन फ़िल्म का रोचक पहलू है।

कहानी पूरी तरह से फॉर्मूला स्टीरियोटाइप है। सिम्बा के किस्म की अनेक कहानियां बॉलीवुड में गढ़ी जा चुकी हैं।

रोहित शेट्टी टिपिकल फ़िल्म मनोरंजन में बेहतर करती रही है। फिल्म से होकर एक अच्छा संदेश भी मिलता है । रणवीर सिंह फ़िल्म की जान हैं। इस किस्म के किरदारों में वो एक्सेल कर जाते हैं। शीर्षक रोल सिम्बा को जी कर दिखाया है। लार्जर दैन लाईफ छवियां ऐसे किरदारों को लोकप्रिय बना देती हैं। पुलिस ऑफिसर ‘संग्राम’ हालांकि स्टीरियोटाइपड़ है।

सोनू सूद, सिद्धार्थ जाधव, आशुतोष राणा एवं सारा अली खान ने रणवीर का अच्छा साथ दिया है । आशुतोष राणा- रणवीर सिंह को एक डिपार्टमेंट में देखकर अच्छा लगता है। सिद्धार्थ जाधव प्रभावित करते हैं। रणवीर के सिम्बा शो में सारा अली खान को बहुत अधिक स्पेस नहीं मिला है। सारा बेहतर संभावना की नायिका हैं। आज नही तो कल उनके मद्देनजर भी कहानियां लिखी जाएंगी।

एक टिपिकल रोहित शेट्टी फ़िल्म को जिन चीजों की दरकार होती है। फ़िल्म में सारे तत्व मौजूद हैं। लोकेशन, एक्टिंग, एक्शन,डायलॉग्स, कॉमेडी, रोमांस तथा एक लार्जर दैन लाईफ हीरो ..सभी हैं। सार में कहूं तो ‘सिम्बा’ विशुद्ध रोहित शेट्टी स्टाइल की फ़िल्म है। रणवीर -रोहित के दीवाने इसे मिस नहीं करना चाहेंगे।

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सैयद एस. तौहीद जामिया मिल्लिया के मीडिया स्नातक हैं। पटना से ताल्लुक रखते हैं। सिनेमा केंद्रित पब्लिक फोरम से लेखन की शुरुआत की। सिनेमा व संस्कृति विशेषकर फिल्मों पर लेखन करते हैं।फ़िल्म समीक्षाओं में निरन्तर सक्रिय। सिनेमा पर दो ईबुक्स प्रकाशित। प्रतिश्रुति प्रकाशन द्वारा सिनेमा पर पुस्तक प्रकाशित । [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।

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