ओमेर्टा: दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़े फिर खूंखार आतंकवादी बने व्यक्ति की कहानी

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शिखा कौशिक/

राजकुमार राव की एक और बहु-प्रतीक्षित फिल्म ‘ओमेर्टा’ 20 अप्रैल को रिलीज होगी जिसमें राव एक ऐसे आतंकवादी की भूमिका में है जो न केवल खूंखार आतंकवादी समूह के साथ काम कर चुका है बल्कि कम से कम तीन देशों के गुप्तचर संस्थाओं के साथ भी जुड़ा रहा है.

राजकुमार राव ‘सिटी लाईट’, ‘अलीगढ़’ और ‘शाहिद’ में पहले हंसल मेहता के साथ काम कर चुके हैं  और इन दोनों की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को कुछ बेहतरीन फ़िल्में दी हैं. इस नई फिल्म में भी दोनों साथ होंगे.

इस फिल्म में राजकुमार राव इंग्लैण्ड में जन्मे पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी अहमद उमर  सईद शेख की भूमिका में नजर आयेंगे. ‘ओमेर्टा’ फिल्म में के बारे में राजकुमार राव ने कहा था कि फिल्म देखकर आपको इस खतरनाक दुनिया की वास्तविकता का पता चलेगा.

आखिर कौन हैं अहमद उमर सईद शेख?

अहमद कोई सामान्य सा लड़का नहीं था. इसने लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पढाई की है. यहीं पढ़ते हुए यह 19 साल की उम्र में सक्रिय इस्लामिक ग्रुप से जुड़ता है ताकि अफ़ग़ानिस्तान में चल रहे आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा ले सके.

इतनी बड़ी संस्था से पढने के बाद इस शख्स ने विश्वस्तर के कुछ ऐसे खूंखार कारनामों को अंजाम दिया है कि सुनने वालों के दांत खट्टे हो जाएँ.

यह इंसान इंग्लैण्ड में तीन अपहरण केस में नामजद है और इधर दिल्ली में एक अमेरिकी नागरिक के अपहरण मामले में. वर्ष 1999 में एयर इंडिया फ्लाइट आईसी-814 को हाईजैक करने में भी यह शामिल रहा है तो पाकिस्तान में वाल स्ट्रीट जर्नल में कार्य कर रहे हैं पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या का इलज़ाम भी इसके सर है. पाठकों को याद होगा कि एक अमेरिकी पत्रकार की गला काटकर हत्या कर दी गयी थी और उसका विडियो भी रिलीज़ किया गया था.

इसके पहले शेख पर एक फिल्म बन चुकी है जिसका नाम था ‘अ माइटी हार्ट’ (2007). अपने छोटे सक्रिय सालों में ही इस उमर ने पांच साल भारत के जेल में गुजारे हैं. इसकी ट्रेनिंग अफ़ग़ानिस्तान खालिद बिन वालिद कैंप में हुई है. यह हरकत-उल-मुजाहिदीन का सदस्य रहा है. पाठकों को मालूम होगा कि यह आतंकवादी दल मौलाना मसूद अज़हर ने बनाया था. जिसने बाद में जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की थी. भारत इन दोनों संगठनों के निशाने पर रहा है.

ऐसा कहते हैं कि शेख अलकायदा से भी जुडा हुआ था. यह एक तरफ की कहानी है.

दूसरी तरफ यह भी माना जाता है कि शेख पाकिस्तान, इंग्लैण्ड और अमेरिका तीनों देशों के गुप्तचर संस्थाओं के साथ जुड़ा रहा है. यानी ट्रिपल एजेंट.

वर्तमान में शेख पाकिस्तान के जेल में पिछले पंद्रह साल से सजा काट रहा है.  उसको मौत की सजा सुनाई जा चुकी है. इसके खिलाफ इसने अपील की है पर इस अपील पर अभी सुनवाई शुरू नहीं हुई है. ये सजा शेख को अमेरिकी पत्रकार पर्ल की हत्या के मामले में सुनाई गई है.

लेकिन सवाल उठता है कि आखिर विश्व-प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में पढने वाला यह शेख इतना बड़ा खूंखार आतंकवादी बना कैसे?

शेख का जन्म 1973 में इंग्लैण्ड की राजधानी लन्दन में हुआ था. इसके जन्म के करीब पांच साल पहले शेख के पिता सईद शेख इंग्लैण्ड में जाकर बस गए थे. विद्यार्थी जीवन में इस लड़के ने सारे बढ़िया बढ़िया स्कूल में शिक्षा-दीक्षा ली. कहते हैं कि शेख को वहाँ लड़कों के बुरे व्यवहार का सामना करना पड़ा था. खासकर नस्लवादी हिंसा.

जब शेख 13 साल का था यानी 1987 में तो उसके पिता वापस लाहौर चले आये. शेख को फिर लाहौर के बेहतरीन कॉलेज में दाखिला दिलाया गया. लेकिन तीन साल के भीतर ही अन्य छात्रों के साथ बुरे व्यवहार करने की वजह से इसे कॉलेज से निकाल दिया गया. परिवार को फिर मजबूरी में लन्दन जाना पड़ा जहां इसने अपनी आगे की शिक्षा-दीक्षा पूरी की.

महज़ 19 साल की उम्र में यह बोस्निया की यात्रा पर गया जहां इसे एक ऐसे समूह के नजदीक आने का मौका मिला जो ईसाईयों द्वारा मुस्लिमों से गलत व्यवहार करने के खिलाफ काम कर रहा था. तब शेख लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में पहले साल की शिक्षा ले रहा था. इसके विषय थे गणित और सांख्यिकी.

राजकुमार राव इसी आतंकवादी की भूमिका में आ रहे हैं. यह फिल्म रिलीज़ होने के पहले ही चर्चा में रही है. इसे टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित किया गया था. फिल्म को जिओ मामी फिल्मोत्सव में भी प्रदर्शित किया गया था. ‘स्विस एंटरटेनमेंट’ के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता नाहिद खान हैं.

इसके पहले राजकुमार राव सुभाष चन्द्र बोस पर बनी वेब सीरीज में नजर आये थे जो इस स्वतंत्रता सेनानी के जीवन पर बनी है.

 

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