5 प्रचलित बॉलीवुड फिल्में जो पाकिस्तान में बैन हो गयीं

0

सौतुक डेस्क/ 

भारत और पकिस्तान के बीच विवाद कोई नया नहीं है और इसका खामियाज़ा इन देशों के कलाकारों को और बॉलीवुड में बनी फिल्मो को उठाना पड़ता है. वैसे तो बॉलीवुड में बनी फिल्मों का पकिस्तान में बड़ा क्रेज़ है पर कुछ फ़िल्में ऐसी भी हैं जिन्हें छोटी-मोटी वजहों से वहां रिलीज़ नहीं होने दिया गया. जानिये उन पांच बॉलीवुड फिल्मों को जो पकिस्तान में कभी रिलीज़ ही नहीं हो पाईं और साथ में उसका कारण भी…
 

दंगल  (2017)

साल के शुरुआत में आई आमिर खान अभिनीत दंगल जिसने सफलता के नए झंडे गाड़े. चीन में भी ब्लॉकबस्टर रही, वह पकिस्तान में बैन हो गई. असल में मामला यह था कि पकिस्तान सेंसर बोर्ड को इस बात से ऐतराज़ था कि फिल्म में भारत का झंडा लहरा रहा है और इसमें एकबार भारत का राष्ट्रगान भी बजता है. उनकी मांग ये थी कि इन दृश्यों को हटा दिया जाय फिल्म में से, जिसे मानाने से इस फिल्म के निर्माता-अभिनेता आमिर खान ने साफ़ इनकार कर दिया. परिणामस्वरूप ये फिल्म पकिस्तान में बैन हो गयी.

 

हैदर (2014)

सन 2014 में आई फिल्म हैदर मूलतः कश्मीर के पृष्ठभूमि पर बनी थी. वैसे तो फिल्म की काफी तारीफ़ हुई, और फिल्म ने कई अवार्ड भी बटोरे. लेकिन क्योंकि यह फिल्म कश्मीर में फैले आतंकवाद पर बनी थी, जो कि एक विवादित मुद्दा है. इसीलिए इसे भी पकिस्तान में बैन कर दिया गया. फिल्म में हैदर का किरदार शाहिद कपूर ने निभाया था, और यह फिल्म शेक्सपियर के उपन्यास हैमलेट पर आधारित थी.

 

भाग मिल्खा भाग (2013)

भाग मिल्खा भाग एक आम आदमी की कहानी है. भारत-पकिस्तान बंटवारे के पृष्ठभूमि पर बनी ये फिल्म एक ऐसे इंसान की  कहानी कहती है जो न सिर्फ सारी मुश्किलों का सामना करते हुए बल्कि उन्हें हराते हुए भी अपने ख्वाब को पूरा करता है और उसे फ्लाइंग सिख ऑफ़ इंडिया का ख़िताब मिलता है. यहाँ तक तो सब ठीक था. लेकिन पकिस्तान के सेंसर बोर्ड का मानना था कि यह फिल्म पकिस्तान को गलत तरीके से दर्शाता है. क्योंकि यह बंटवारे पर बनी फिल्म थी. और यह फिल्म वहां रिलीज़ नहीं हो पाई.

 

रान्झणा (2013)

इस लिस्ट में आपको सबसे आश्चर्यचकित करेगी रान्झणा. साल 2013 में आई यह फिल्म एक हिन्दू लड़के का एक मुस्लिम लड़की के लिए एकतरफे प्यार पर बनी थी. वैसे भारत में तो यह फिल्म खूब चली और अच्छी कमाई भी की थी लेकिन पकिस्तान सेंसर बोर्ड को इसमें मुस्लिम लड़की का किरदार रास नहीं आया, क्यूंकि फिल्म में यह लड़की दो हिन्दू लड़कों से प्यार कर बैठती है. और इसीलिए इसे पूरे पकिस्तान में बैन कर दिया गया.

 

द डर्टी पिक्चर (2011)

अपने ज़माने की सेक्स सिंबल रहीं सिल्क स्मिता के जीवन पर बनी यह बहुचर्चित फिल्म पकिस्तान में कभी रिलीज़ नहीं हो पाई. भारत में यदि किसी फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट मिल जाए, तो ये मान लेना चाहिए कि वो फिल्म पाकिस्तान में तो कभी रिलीज़ ही नहीं हो पाएगी. और ऐसा ही कुछ हुआ इस फिल्म के साथ भी. वहां के सेंसर बोर्ड ने इसे बहुत ही बोल्ड और अश्लील कहते हुए बैन कर दिया.

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here