सस्पेंस की रोलरकोस्टर सवारी: दृश्यम 2

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रजनीश जे जैन/

रजनीश जे जैन/

तकनीक ने कई क्षेत्रों में रोमांच बढ़ा दिया है तो इसकी वजह से कई शौकीन मौके कम भी हुए हैं। निश्चित रूप से  किसी फिल्म के प्रदर्शन के  पहले दिन का पहला शो देखने का रोमांच और उसके लिए किए जाने वाले संघर्ष अनगिनत लोगों की स्मृतियों में दर्ज होगा। एक दौर में यह अनुभव किसी गौरव गाथा की तरह ‘दास्ताने महफ़िल’ हुआ करता था। परंतु अब ऐसा नहीं रहा। पिछले एक बरस में कोविड की वजह से जिस तरह से ओटीटी प्लेटफार्म पर फिल्मों और वेब सीरीज की बाढ़ आई है उसने उस थ्रिल के मौके छीन लिए। पर इसने देश-विदेश और तमाम भाषाओं में बन रही फिल्मों से रूबरू होने के ढेरों मौके भी उपलब्ध कराएं हैं।

क्षेत्रीय सिनेमा हमेशा से बॉलीवुड को चौकाता रहा है। ऐसा ही एक कारनामा हुआ 2013 में जब ‘दृश्यम’ नाम ए मलयाली फिल्म का बाज़ार में आगमन हुआ। यह फिल्म जब रीमेक के रूप में हिंदी में आई तब जीतू जोसफ और मोहनलाल की मेहनत को बड़े दर्शक समूह ने जाना।  यद्यपि हिंदी रीमेक के नायक अजय देवगन थे जिन्हे पर्याप्त सराहना मिली लेकिन मौलिकता के लिए मलयाली वर्जन का ही जिक्र प्राथमिकता से अब तक होता रहा है।

एक चलन सा हो गया है कि बेहद सफल फिल्मों के ‘सीक्वेल’ की उम्मीद अब दर्शक भी करने लगा है। दृश्यम के लिए भी ऐसे ही कयास लगाए जा रहे थे। दर्शकों का यह इंतजार खत्म हुआ 19 फ़रवरी को द्रश्यम 2 अमेज़न प्राइम पर रिलीज किया गया।

इस भाग को भी जीतू जोसफ ने ही लिखा और निर्देशित किया है। अमूमन किसी कहानी को राइटिंग बोर्ड पर कसावट के साथ लिखा जा सकता है और  इसके बाद उसे हूबहू  दृश्य में बदलने का जोखिम निर्देशक के कन्धों पर आ जाता है। बहुतेरी फिल्मे रही है जो लिखी तो बहुत अच्छी गई थी लेकिन स्क्रीन पर वैसा जादू नहीं जगा सकी। दृश्यम 2 इन दोनों ही पैमानों पर खरी उतरती है।

दर्शकों को फिल्म का पहला भाग थोड़ा धीमा लग सकता है लेकिन बहुत सारे नए पात्रों को विकसित करने के लिए ऐसा किया गया है। दर्शकों को यह बात अवश्य राहत देगी की पहले भाग ने सस्पेंस का जो लेवल बनाया था दूसरा भाग उस अनुभव को न केवल बरकरार रखता है वरन  एक नई ऊंचाई पर ले जाता है।

हिंदी से इतर प्रादेशिक भाषा की फिल्मों को अंग्रेजी के सब टाइटल के साथ देखना आसान हो गया है। हालांकि इसकी भी एक सीमा है। सब -टाइटल पढ़ने के फेर में दर्शक अक्सर पात्र के चेहरे की भावभंगिमा को नजरअंदाज कर जाता है। मोहनलाल जैसे सशक्त अभिनेता जब स्क्रीन पर हो तो उनके मनोभावों को इस प्रक्रिया में छोड़ देना, बहुत अखरता है।

वर्ष 2020  के सितंबर माह में इस फिल्म का फिल्मांकन आरम्भ हुआ जिसे महज 46 दिन में पूर्ण कर लिया गया था। अमेजन प्राइम पर प्रदर्शित होते ही दृश्यम 2 के हिंदी और तमिल तेलुगु रीमेक की घोषणा हो गई है। हिंदी रीमेक 2022 के अंत तक आने की संभावना है।

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(रजनीश जे जैन की शिक्षा दीक्षा जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय से हुई है. आजकल वे मध्य प्रदेश के शुजालपुर में रहते हैं और पत्र -पत्रिकाओं में विभिन्न मुद्दों पर अपनी महत्वपूर्ण और शोधपरक राय रखते रहते हैं।)

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