‘हिचकी’ के बहाने जानिए बॉलीवुड की कुछ बड़ी फिल्में जो विदेशी फिल्मों की नक़ल हैं

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शिखा कौशिक/

हाल ही में रानी मुख़र्जी की आनेवाली फिल्म हिचकी का ट्रेलर रिलीज़ हुआ, जिसने दर्शकों की जिज्ञासा बढ़ा  दी. फिल्म में रानी मुख़र्जी टुरेट सिंड्रोम से ग्रसित हैं. ट्रेलर देखते ही लोगों को इस फिल्म से अंग्रेजी फिल्म  ‘फ्रंट ऑफ़ द क्लास ‘की याद आने लगी. अब फिल्म  निर्माता यशराज बैनर ने इस बारे स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि यह फिल्म उसी किताब पर बनी है जिसपर ‘फ्रंट ऑफ़ द क्लास’ बनी थी, लेकिन यशराज बैनर ने किताब के राइट्स खरीद लिए है. निर्माता निर्देशकों का दावा है कि उन्होंने कहानी में कुछ बदलाव भी किये हैं, जिससे यह एक तरोताज़ा फिल्म का अनुभव देगी. वैसे इस बात पर बहस हो सकती है कि नक़ल कितना प्रतिशत है, या कितना बचा कर किया गया है, या कितने सलीके से फिल्म उस असल कहानी को बचा पाया है. लेकिन ये कुछ एक फिल्में हैं, जिनके कुछ दृश्य भर देखकर दर्शक  अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कौन सी फिल्म की नक़ल है.

हिच- पार्टनर

वैसे आलोचक के नज़रिये से देखा जाय तो आप एक्टिंग और डिटेलिंग पर विवाद कर सकते हैं, पर सलमान खान और गोविंदा की बहुचर्चित रॉमकॉम फिल्म पार्टनर  हॉलीवुड फिल्म हिच की हू-ब-हू नक़ल थी. आप  इसे हिच  का देसी वर्ज़न भी कह सकते हैं.  या यूँ कहें कि इन दोनों फिल्मों में एक ही अंतर है और वो है पार्टनर में सलमान का परिवार जो की हिच में विल स्मिथ का नहीं है. सन् 2005 में बनी यह फिल्म केविन बिस्क द्वारा लिखी गयी थी, जबकि पार्टनर फिल्म में लेखक का क्रेडिट संजय चहल और डेविड धवन को दिया गया था. हिच के निर्मताओं, विल स्मिथ के प्रोडक्शन हाउस ओवरब्रूक एंटरटेनमेंट ने सोनी एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर पार्टनर के देसी निर्माताओं, एरोस और के सेरा सेरा के खिलाफ मुक़दमा भी ठोका था.

फ्रेंच किसेस – प्यार तो होना ही था

प्यार तो होना ही था, बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म रही थी. सन् 1998 में आयी यह फिल्म अमेरिकी फिल्म फ्रेंच किसेस की रीमेक थी. इस फिल्म में अजय देवगन, काजोल, कश्मीरा शाह और बिजय आनंद मुख्य भूमिका में थे. दोनों फिल्मों में जो एक अंतर या समानता कह लें है, वो है फ्रांस। फ्रेंच किसेस फ्रांस में जाकर ख़तम होती है जबकि प्यार तो होना ही था फिल्म की कहानी फ्रांस  में शुरू होती है. बाद में इस फिल्म से प्रेरित होकर तेलुगु में भी एक फिल्म बनी जिसका नाम था, डोंगाटा। इस फिल्म में सौंदर्या और जगपति बापू की जोड़ी मुख्या भूमिका में थी.

ओल्ड बॉय- ज़िंदा

ओल्ड बॉय  कोरियाई फिल्म थी, जिसको दर्शकों ने काफी पसंद किया था. यह  काफी बोल्ड फिल्म थी जो इन्सेस्ट के कांसेप्ट पर बनी थी. वैसे तो ज़िंदा ने उसको काफी हद तक हूबहू नक़ल किया, लेकिन अलग करने या यूँ कहें इसे भारतीय दर्शकों के हिसाब से ढालने के चक्कर में कहानी में कुछ ऐसे बदलाव किये जिससे इस कहानी का पूरा स्वाद  बिगड़ गया. बांकि संजय दत्त अभिनीत यह फिल्म अगर आप देखेंगे तो आपको सीन दर सीन ओल्ड बॉय की  याद दिलाएगी.

द मिरेकल-ब्लैक

संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक अपने विषयवस्तु  कथानक की वजह से अपने रिलीज़  समय काफी चर्चा में रही. अमिताभ बच्चन  ने इस फिल्म में रानी मुख़र्जी जो एक अल्ज़हाइमेर से पीड़ित अंधी लड़की के किरदार में है के शिक्षक का किरदार निभाया है. यह फिल्म अमेरिकी लेखक हेलेन केलर और उसके शिक्षक ऐनी सुल्लिवन के जीवन पर  लिखी किताब पर बनी फिल्म द मिरेकल की  रीमेक थी. भंसाली ने इस फिल्म में काफी अच्छा  किया और खूब तारीफें भी बटोरीं।

मिसेस डॉटफायर-चाची 420

रोबिन विलियम की मिसेस डॉटफायर से रूपांतरित कमल हसन की चाची 420 भारतीय दर्शकों को खूब  पसंद आयी थी. इस कॉमेडी फिल्म के देसी वर्ज़न में कमल हसन साथ ओमपुरी अमरीश पूरी और परेश रावल जैसे मंजे हुए कलाकार थे. दोनों फिल्मों की कहानी  ऐसे तलाकशुदा पति की है जो तलाक के बाद अपने बच्चों का साथ पाने  के लिए कामवाली का वेश धरकर अपनी पत्नी  और बच्चों  के साथ रहने लगता है.  यह कमल हसन की सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक है.

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